नोटबंदी के मुद्दे पर शिवसेना तल्ख, मृतकों के परिजनों को शहीद का दर्जा और 10 लाख मुआवजा देने की मांग

नागपुर (7 दिसंबर): नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच 8 नवंबर से तलवारें तनी है। इस मुद्दे पर संसद से लेकर विपक्ष और सरकार के बीच संग्राम जारी है। इन सबके बीच सरकार की सहयोगी शिवसेना के तेवर भी इस मुद्दे पर तल्ख हैं। शिवसेना ने एकबार फिर नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। शिवसेना का कहना है वो नोटबंदी ठीक है लेकिन इस मुद्दे पर जिस तरह से लोगों को परेशानी हो रही है और सरकार संवेदनहीन बनी है वो ठीक नहीं है।

नोटबंदी के मुद्दे पर शिवसेना के सदस्यों ने विधानसभा इस मुद्दे को उठाया। शिवसेना ने कैश के लिए बैंक और एटीएम के बाहर खड़े लोगों की मौत को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। साथ ही शिवसेना ने इस दौरान हुई तकरीबन 80 से ज्यादा मौतों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। शिवसेना ने बैंक और एटीएम के कतार में मरने वालों को शहीद का दर्जा देने और 10 लाख रुपये के मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही शिवसेना ने 30 दिसंबर तक देश के तमाम टोलनाकों को फ्री करने की भी मांग की है।