नोटंबदी: 1 लाख लोगों को नोटिस भेजेगा आयकर विभाग

नई दिल्ली ( 8 नवंबर ): नोटबंदी के बाद बैंक खातों में बड़ी राशि जमा करने वालों के खिलाफ आयकर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। आयकर विभाग एक लाख इकाइयों और व्यक्तियों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। खातों में संदिग्ध गड़बड़ी का पता लगाने के लिए इनके टैक्‍स रिटर्न को जांच के लिए चुना गया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। नोटिस जारी करने का काम इस सप्ताह से शुरू किया जाएगा।

पहली किस्त में 70,000 इकाइयों को नोटिस जारी किए जाएंगे। ये वे इकाइयां या व्‍यक्ति हैं, जिन्होंने बैंक खातों में 50 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा की लेकिन न तो टैक्‍स रिटर्न फाइल किए और न ही संबंधित इनकम टैक्‍स विभाग के परामर्श का कोई जवाब दिया। ये नोटिस आयकर कानून (आकलन पूर्व जांच) की धारा 142 (1) के तहत जारी किए जाएंगे।

खबरों के मुताबिक इसी प्रकार, 30,000 जांच नोटिस उन लोगों को भेजे जाएंगे जिनके टैक्‍स रिटर्न में स्पष्ट तौर पर पूर्व के मुकाबले या उनके खातों की तुलना में विरोधाभास है। इससे नोटबंदी के बाद बड़े पैमाने पर मौद्रिक लेन-देन का पता चलता है। विभाग ने नोटबंदी के बाद 20,572 टैक्‍स रिटर्न को जांच प्रक्रिया के लिए चुना है। शेष जांच नोटिस उपयुक्त समय में जारी किए जाएंगे।

इसके बाद टैक्‍स अधिकारी इसी प्रकार के नोटिस अगले महीने उन लोगों और इकाइयों को जारी करेंगे, जिन्होंने नोटबंदी के बाद बैंकों में 25 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक जमा किए हैं। टैक्‍स विभाग ने नोटबंदी के बाद कालाधन पर अंकुश लगाने को लेकर इस साल जनवरी में ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ शुरू किया था और ये कदम उसी का हिस्सा है।