साल में 710 लाख करोड़ रु के काम बिना किसी सैलरी के करती हैं महिलाएं

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 जनवरी):  आज पूरी दुनिया में महिला सशक्तिकरण की बात हो रही है। हर काम में महिलाएं पुरुष के साथ कदम से कदम मिला कर चल रही हैं। मगर इन सब के बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जो महिलाओं और पुरूषों के बीच की खाई को दर्शाती है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की महिलाएं सालभर में 710 लाख करोड़ रुपए (10 लाख करोड़ डॉलर) के मेहनताने के बराबर ऐसे काम करती हैं जिनके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं मिलता। यह रकम (10 ट्रिलियन डॉलर) दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एपल के सालाना टर्नओवर की 43 गुना है। ऑक्सफैम ने सोमवार को यह रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक, भारत की महिलाएं घर और बच्चों की देखभाल जैसे बिना भुगतान वाले जो काम करती हैं उसकी वैल्यू देश की जीडीपी के 3.1% के बराबर है।

ऑक्सफैम की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के शहरी इलाकों में महिलाएं रोजाना 312 मिनट का समय ऐसे कामों में लगाती हैं जिनके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं मिलता। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं 291 मिनट ऐसे काम करती हैं। महिलाओं के मुकाबले शहरी इलाकों के पुरुष सिर्फ 29 मिनट और ग्रामीण इलाकों के 32 मिनट घर और बच्चों की देखभाल जैसे काम करते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं के वेतन में काफी अंतर है। इसलिए, महिलाओं की कमाई पर निर्भर परिवार गरीब रह जाते हैं। देश में महिला-पुरुषों के वेतन में 34% का फर्क है। यह भी सामने आया है कि जाति, वर्ग, धर्म, आयु और लैंगिक नजरिए जैसे कारक भी महिलाओं के प्रति असमानता को प्रभावित करते हैं। ऑक्सफैम की इस रिपोर्ट में ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स-2018 में भारत की 108वीं रैंकिंग का जिक्र भी किया गया है। साल 2006 के मुकाबले इसमें सिर्फ 10 पायदान की कमी आई है। इस मामले में भारत पड़ोसी देश चीन और बांग्लादेश से पीछे है। ग्लोबल एवरेज के मुकाबले भारत की रैंकिंग काफी कम है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत समेत दुनियाभर में आर्थिक असमानता बढ़ रही है। महिलाएं और लड़कियां इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। भारत में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को वेतन वाले काम मिलने के आसार कम रहते हैं। देश के 119 सदस्यीय अरबपति क्लब में सिर्फ 9 महिलाएं शामिल हैं।