आरक्षण खत्म तो दलितों का सम्मान भी खत्म: सावित्री बाई फुले

नई दिल्ली (21 मई): यूपी के बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने एक बार फिर दलित आरक्षण की वकालत की है। फुले ने कहा कि अगर आरक्षण खत्म हुआ तो दलितों का सम्मान भी समाज से खत्म हो जाएगा। लखनऊ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद फुले ने बहुजन समाज के लोगों दलित आरक्षण का पाठ पढ़ाया और आह्वान किया कि भारत के संविधान और आरक्षण के साथ जो छेड़-छाड़ हो रही है, इसकी लड़ाई बहुजन समाज के लोगों को एकजुट होकर लड़नी चाहिए।सावित्री बाई फुले ने कहा, ''बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का बनाया गया भारत का संविधान और आरक्षण जिस दिन खत्म हो जाएगा, उस दिन बहुजन समाज के लोगों का अधिकार खत्म हो जाएगा। आज जो हम शान से जय भीम बोलते हैं, लेकिन जिस दिन संविधान में आरक्षण खत्म हो जाएगा, उस दिन जय भीम तो बोलेंगे, लेकिन सिर को झुकाकर बोलेंगे, सिर उठाकर हम नहीं बोल पाएंगे।''सावित्री बाई फुले ने कहा कि बाबा साहब ने भारत के संविधान में बहुजन समाज के लिए जो व्यवस्था दी है, उसकी आज धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बाबा साहब के संविधान को पूरी तरह से लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ''देश की आजादी से लेकर अबतक जब से संविधान लागू हुआ है तब से लेकर आजतक पूरे तरीके से संविधान को लागू ही नहीं किया गया और जो व्यवस्था दी गई है उसके साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।'' सांसद सावित्री बाई फुले दलितों के हक को लेकर बीजेपी और केंद्र सरकार पर लगातार हमले कर रही हैं। कई बार वो दलितों पर हो रहे अत्याचार और दूसरे कारणों की वजह से केंद्र सरकार और यूपी की योगी सरकार को भी निशाने पर ले चुकी हैं।