तमिलनाडु की क्राउन मेकर अम्मा या चिनम्मा- तय कर सकता है सीक्रेट बैलेट !

नई दिल्ली (18 फरवरी): तमिलनाडु विधानसभा में करीब 30 साल बाद आज शनिवार को कोई विश्वास प्रस्ताव रखा जाएगा, जो ई. पलनिसामी सरकार के भविष्य का फैसला करेगा। पलनिसामी गुट को विश्वास मत जीतने का पूरा भरोसा है। गुट का दावा है कि उनके साथ 124 से ज्यादा विधायक हैं। अगर सच में ऐसा है तो शशिकला समर्थक इस गुट को विश्वास मत जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी, क्योंकि पन्नीरसेल्वम गुट के साथ-साथ अगर पूरा विपक्ष भी एक साथ आ जाए तब भी वे विश्वास प्रस्ताव को गिराने में कामयाब नहीं हो पाएंगे।

दूसरी तरफ पन्नीरसेल्वम गुट की सारी उम्मीदें सीक्रेट बैलट यानी गुप्त मतदान पर टिका हुआ है। शुक्रवार शाम को पन्नीरसेल्वम ने एआईएडीएमके विधायकों से बिना दबाव में आए समझदारी से वोट देने की अपील की। उन्होंने दिवंगत जयललिता के हितों का हवाला देते हुए विधायकों से पार्टी को परिवारवाद से बचाने की अपील की। शशिकला पर हमला करते हुए पन्नीरसेल्वम ने कहा, 'अम्मा (जयललिता) ने लगातार इस बात की कोशिश की कि तमिलनाडु की राजनीति में परिवार का शासन न आए। अपनी आखिरी सांस तक वह इस लक्ष्य के लिए लड़ती रहीं।'

सबकी निगाहें स्पीकर पी. धनपाल पर है कि वह वोटिंग के लिए किस तरीके को पसंद करते हैं। पन्नीरसेल्वम गुट के एक बड़े नेता ने कहा, 'सीक्रेट बैलट पलनिसामी और पन्नीरसेल्वम के बीच बड़ा अंतर कर सकता है। बागी गुट ने सीक्रेट बैलट की मांग की है क्योंकि उन्हें लगता है कि कूवाथुर रिजॉर्ट में जो विधायक ठहरे थे उनमें से कुछ पन्नीरसेल्वम के साथ आ सकते हैं।' पन्नीरसेल्वम गुट को उम्मीद है कि अगर सीक्रेट बैलट यानी गुप्त मतदान हुआ तो एआईएडीएमके के कई विधायक अंतरात्मा की आवाज पर उनके साथ आ सकते हैं।

पलनिसामी सरकार का भविष्य मोटे तौर पर इस बात पर निर्भर करेगा कि पन्नीरसेल्वम गुट को पार्टी के कितने विधायकों का समर्थन मिलता है। अगर बागी गुट को 8 से 9 और विधायकों का समर्थन मिल गया तो पलनिसामी सरकार गिर सकती है। हालांकि शशिकला गुट ने विधायकों को अपने साथ रखने की हर मुमकिन कोशिश की है। पलनिसामी ने अपने कैबिनेट में 4 सीटें खाली रखी हैं। ऐसा इसलिए किया गया है कि अगर कुछ विधायक साथ आने में ज्यादा आना-कानी करें तो उन्हें मंत्री पद का लालच देकर अपने साथ रखा जा सके।