गैस कंपनी Indane से लीक हुआ 67 लाख ग्राहकों का आधार डेटा: रिसर्चर


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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 फरवरी):  फ्रेंच सिक्योरिटी रिसर्चर Robert Baptiste ने दावा किया है कि 67 लाख आधार नंबर लीक हुए हैं। रॉबर्ट ने एक ब्लॉग लिखा है, इसमें कहा गया है कि इंडिन गैस एजेंसी इंडेन ने 67 लाख आधार नंबर्स लीक कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक डीलर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स के लिए इंडेन की वेबसाइट्स है जहां से ये डेटा लीक हुआ है।





हालांकि इस बार उन्होंने जो दावा किया है वो किसी दूसरे सिक्योरिटी रिसर्चर के हवाले से है जिन्होंने अपनी पहचान जाहिर करने से मना किया है। सिक्योरिटी रिसर्चर ने कस्टम टूल के सहारे 11 हजार इंडेन डीलर्स का कस्टमर डेटा कलेक्ट करने का दावा किया है। इस डेटा में कस्टमर का नाम, पता और आधार नंबर शामिल है। आधार लीक की इस रिपोर्ट के बाद इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की तरफ से ये स्टेटमेंट जारी किया गया है। इंडियन ऑयल अपने सॉफ्टवेयर से सिर्फ आधार नंबर कैप्चर करता है जो एलपीजी सबसिडरी के ट्रांसफर के लिए जरूरी होता है। कोई भी दूसरे तरह की आधार से जुड़ी जानकारी इंडियन ऑयल नहीं लेता है, इसलिए आधार डेटा लीकेज संभव ही नहीं है।






बता दें कि भारत में इंडेन के 90 मिलियन से ज्यादा कस्टमर्स हैं। आधार की बात करें तो लगभग 90 फीसदी से ज्यादा भारतीय के पास अब आधार है। आधार की सिक्योरिटी को लेकर बहस पहले से ही चलती आई है। इससे पहले भी आधार लीक के कई मामले आए हैं और ये ताजा मामला एक बार फिर से आधार की सिक्योरिटी और प्रिवेसी को लेकर डिबेट शुरू कर सकता है। हालांकि यह थर्ड पार्टी लीक है, इसलिए शायद इस मामले पर UIDAI कुछ न कहे।






हालांकि इस वेबसाइट में ऐक्सेस के लिए यूजरनेम और पासवर्ड की जरूरत होती है, लेकिन इस वेबसाइट का एक पार्ट गूगल में इंडेक्स्ड है. इससे कोई भी लॉगइन पेज को बाइपास करके डीलेट के डेटाबेस में आसानी से एंटर कर सकता है। 






Robert Baptiste के मुताबिक इंडेन के लोकल डीलर्स के पास ऑथेन्टिकेशन न होने की वजह से लोगों के आधार नंबर्स, ऐड्रेस और उनके नाम लीक हुए हैं. इंडेन के 11 हजार से ज्यादा डीलर्स हैं और लगभग हर जगह से डेटा लीक हुआ है. इस लीक से प्रभावित होने वाले कस्टमर्स की संख्या लगभग 67 लाख है. फिलहाल न तो UIDAI और न ही इंडेन ने इस रिपोर्ट पर कोई स्टेटमेंट जारी किया है।