बिहार से बड़ी खबरः तीन-तीन विभागों में पिछले 30 साल से नौकरी कर रहा था एक इंजीनियर!

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 अगस्त): बिहार सरकार के एक सहायक इंजिनियर ने फर्जीवाड़े की दुनिया में इतिहास रच दिया है। सरकारी इंजिनियर ने चालबाजी करके एक साथ तीन अलग-अलग पदों पर 30 साल तक नौकरी की और सैलरी ली। यही नहीं इंजिनियर को तीनों ही पदों पर समय-समय पर प्रमोशन भी मिला। लेकिन रिटायमेंट से कुछ दिनों पहले उसकी पोल खुल गयी। दरअसल, बिहार सरकार में लागू हुई सीएफएमएस के घेरे में फंसते ही इस जालसाज इंजीनियर का पर्दाफाश हो गया।

मिली जानकारी के मुताबिक सुरेश राम पटना जिले के बभौल गांव का रहने वाला है। वृहद वित्‍तीय प्रबंधन प्रणाली (सीएफएमएस) ने सहायक इंजिनियर के फर्जीवाड़े को पकड़ लिया और उसकी पोल खुल गई। सीएफएमएस में बिहार सरकार के हरेक कर्मचारी को अपना आधार, जन्‍मदिन और पैन डिटेल भरना होता है। सुरेश राम ने जब अपना डिटेल भरा तो उसके फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।

सुरेश राम के सहयोगी और बिल्डिंग कंस्‍ट्रक्‍शन डिपार्टमेंट में कार्यकारी इंजिनियर मधुसूदन कुमार कर्ण की शिकायत के बाद पिछले सप्‍ताह किशनगंज पुलिस स्‍टेशन में सुरेश राम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। सुरेश अगले कुछ साल में रिटायर होने वाला था। एफआईआर दर्ज होने के बाद वह फरार है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए एक टीम रवाना की है।

एफआईआर के मुताबिक सहायक इंजिनियर सुरेश को सबसे पहले राज्‍य सड़क निर्माण विभाग में 20 फरवरी 1988 को पटना में नियुक्‍त किया गया था। अगले साल 28 जुलाई 1989 को उसे जल संसाधन विभाग में नौकरी मिली। इसी साल सुरेश राम को बिल्डिंग कंस्‍ट्रक्‍शन डिपार्टमेंट मेंग में ही एक और नौकरी मिल गई। उसे सुपौल जिले में तैनात किया गया।

सड़क निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, 'सुरेश एक के बाद एक पोस्‍ट से रिटायर हो गया होता, अगर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी के लिए सीएफएमएस नहीं आया होता। बहरहाल, तीन-तीन विभागों से सेलरी ड्रॉ करने वाला चालबाज इंजीनियर अब भागा-भागा फिर रहा है। सरकार अब यह जांच करवा रही है कि एक ही समय तीन अलग-अलग विभागों में सुरेश राम कैसे काम करता था। जांच के दायरे में यहभी कि क्या उसने अपनी एवज में किसी अन्य व्यक्ति को अपने पद पर नहीं बैठा रखा था। 

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