मॉरीशस जाएंगे मनोहर पर्रिकर, हिंद महासागर का 'बॉस' बनने की तैयारी में भारत

नई दिल्ली ( 9 दिसंबर ): हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल को देखते हुए भारत ने भी अपनी रणनीतिक तैयारी तेज कर दी है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर इस सिलसिले में शनिवार से मॉरीशस की यात्रा पर जा रहे हैं। इस यात्रा पर दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों में और मजबूती लाने की कोशिश होगी। रणनीतिक जानकारों का मानते हैं कि जिस देश का हिंद महासागर पर अधिक कंट्रोल होगा, वह एशिया में राज करेगा।

चीन ने हाल के वर्षों में हिंद महासागर से जुड़े देशों में भारी रकम का निवेश किया है। इस इलाके में भारत की रणनीतिक मजबूती के लिहाज से मॉरीशस से दोस्ती जरूरी है। भारत के एनर्जी का 70 फीसदी हिस्सा उस समुद्री रूट से आता है, जहां मॉरिशस की लोकेशन अहम है। यह समुद्री रूट डाकुओं और आतंकवादियों के कहर से अछूता नहीं है।

भारत ने मॉरिशस के साथ प्रगाढ़ रक्षा संबंध कायम कर रखा है। भारतीय नेवी के शिप वहां इकनॉमिक जोन की गश्त करते हैं। हेलिकॉप्टर, गश्ती जहाज और सर्विलांस सिस्टम की भी मदद भारत ने दी है। मॉरीशस पुलिस के जवान भारतीय रक्षा प्रशिक्षण संस्थानों में ट्रेनिंग लेते हैं। मॉरीशस को भारत अफ्रीका के गेटवे के तौर पर देखता है। खास बात यह है कि इस देश की 68 फीसदी आबादी भारतीय मूल की है।