नोटबंदी के बाद सरकार का एक और बड़ा फैसला, अब प्‍लास्टिक के नोटों की होगी छपाई

नई दिल्ली (9 दिसंबर): नोटबंदी के बाद सरकार ने एक और बड़ा फैसला किया है। शुक्रवार को संसद में बताया गया कि सरकार ने प्‍लास्टिक करेंसी नोट छापने का निर्णय लिया है और इसके लिए आवश्‍यक कच्‍चे माल की खरीद शुरू कर दी गई है। वित्‍त राज्‍य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक लिखित उत्‍तर में बताया कि सरकार ने य‍ह निर्णय लिया है कि अब प्‍लास्टिक या पॉलिमर सब्‍सट्रेट आधारित बैंक नोट छापे जाएंगे। इसके लिए आवश्‍यक कच्‍चे माल की खरीद शुरू कर दी गई है।

दरअसल, रिजर्व बैंक फील्ड ट्रायल के बाद लंबे समय से प्लास्टिक करंसी नोट लाने पर विचार कर रहा है। फरवरी 2014 में सरकार ने संसद को बताया था कि फील्ड ट्रायल के तौर पर भौगोलिक और जलवायु विभिन्नताओं के आधार पर चयनित पांच शहरों में 10-10 रुपये के एक अरब प्लास्टिक नोट उतारे जाएंगे। इसके लिए कोची, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर का चयन किया गया था।

प्लास्टिक नोट औसतन पांच सालों तक सुरक्षित रहते हैं और इसका नकल करना भी कठिन होता है। इसके अलावा, ये कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा साफ-सुथरे दिखते हैं। सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने नोटों को नकल से सुरक्षित रखने के लिए प्लास्टिक नोट शुरू किया था।

प्‍लास्टिक के नोट से जुड़ी खास बातें...

- फरवरी 2014 में सरकार ने कहा था कि 10 रुपए मूल्‍य के 1 अरब प्‍लास्टिक नोट को फील्‍ड ट्रायल के लिए पांच शहरों में चलाया जाएगा

- इन शहरों का चयन उनके भौगोलिक और जलवायु विविधता के आधार पर किया जाएगा

- फील्‍ड ट्रायल के लिए चयनित शहर थे कोचि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्‍वर

- मेघवाल ने कहा कि प्‍लास्टिक नोट की औसत आयु पांच साल है और इसकी नकल करना मुश्किल है

- उन्‍होंने कहा कि प्‍लास्टिक से तैयार नोट पेपर नोट की तुलना में ज्‍यादा स्‍वच्‍छ होते हैं

- इस तरह के नोट जाली मुद्रा को रोकने के लिए सबसे पहले ऑस्‍ट्रेलिया में लॉन्‍च किए गए थे