दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास, जा सकती हैं जेल

नई दिल्ली ( 9 दिसंबर ): दक्षणि कोरिया की राष्ट्रपति पार्क गुन हे के खिलाफ संसद में महाभियोग चलाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। अगर इस प्रस्ताव को संवैधानिक अदालत से भी मंजूरी मिल जाती है, तो गुन हे को प्रेसिंडेट का पद छोड़ना होगा। गुन हे और उनके करीबियों पर करीब 500 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का चार्ज है। एक महीने से भी ज्यादा समय से उनके खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

नेशनल एसेंबली में महाभियोग चलाने के प्रस्ताव के सपोर्ट में 234, जबकि विरोध में 56 वोट मिले। आखिरी मंजूरी के लिए ये प्रस्ताव अब कॉन्स्टिट्यूशन कोर्ट (संवैधानिक अदालत) के पास जाएगा। अगर यहां मंजूरी मिल जाती है तो प्रेसिडेंट को पद छोड़ना पड़ेगा। उनके अधिकार पीएम को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

पद पर रहते हुए संविधान के मुताबिक उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता था, लेकिन पद से हटते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। गुन हे पर अपनी करीबी चोई सून-सिल के साथ कंपनियों को धमकाने और ठेके लेने का आरोप है। गुन हे और उनके करीबियों पर करीब 500 करोड़ रुपए का करप्शन का चार्ज है।

उनकी साथी सून-सिल पर सैमसंग तथा ह्युंडई समेत 51 कंपनियों से 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की चंदा वसूली का आरोप है।

सून-सिल पर बिजनेस घरानों को धमका कर 81 करोड़ से ज्यादा के ठेके लेने के भी आरोप हैं। जांचकर्ता ली योंग-रेयोल ने कहा, "इन लोगों ने कंपनियों पर दबाव बना कर फंड जमा किया। इन मामलों में गुन हे सह-आरोपी हैं।"