दिल्ली से मेरठ तक चलेगी हवा से बातें करने पहली रैपिड रेल

नई दिल्ली (9 दिसंबर): पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ के बीच चलेगी। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को हरी झंडी मिल गई है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बाईस हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 92 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। खामोशी के साथ जब ये ट्रेन हवा से बातें करती हुई भागेगी तो दिल्ली-मेरठ की दूरी 48 मिनट में नापी जा सकेगी।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय मुताबिक ग्यारह साल पहले इस कॉरिडोर की योजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड ने 2005 में बनाई थी। तब बीस साल आगे यानी 2035 को ध्यान में रखते हुए ये योजना बनाई गई थी ताकि पूरे क्षेत्र के सभी बड़े शहरों को 150 से 180 किलो मीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार वाली रेल से जोड़ा जा सके। इसका 60 किलोमीटर का हिस्सा तो दिल्ली-मेरठ हाईवे के साथ साथ चलेगा।

मंजूरशुदा योजना के मुताबिक 92 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में लगभग 61 किलोमीटर रेल खंबों पर दौड़ेगी, 30 किलोमीटर भूमिगत और डेढ़ किलोमीटर जमीन पर होगी। ये ट्रेन यमुना के नीचे से भूमिगत सुरंग से होकर गुजरेगी। इस रूट पर कुल 17 स्टेशन होंगे जिनमें से 11 एलिवेटेड होंगे और छह भूमिगत।

150 से 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली इस रेल परियोजना की हर ट्रेन में 12 कोच होंगे। कोच भी खास तौर पर डिजाइन किये गये हैं। यानी कुछ कुछ शताब्दी की तरह यानी हवाई जहाज की तरह पुश बैक वाली टू बाई टू सीटें होंगी। हर ट्रेन में एक डिब्बा सुविधाओं से युक्त बिजनेसक्लास टाइप होगा।