वकीलों के व्यवहार से नाराज हुए मुख्य न्यायाधीश, कहा- कोर्ट को मछली बाजार बना दिया

नई दिल्ली (9 दिसंबर): नोटबंदी के मुद्दे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान वकीलों के व्यवहार से मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर खासे नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि यह उनके कॅरियर का लगभग आखिरी सप्ताह है और उन्होंने 23 सालों में ऐसा माहौल कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि गंभीर मसले पर वकीलों का आचरण वाकई चौंकाने वाला है क्योंकि कोर्ट को मछली बाजार बना दिया गया है।

उन्होंने निराश स्वर में कहा कि मैं यहां से किस तरह की यादें लेकर जाऊंगा! उन्होंने कहा कि जूनियर वकील सुनवाई के दौरान एक—दूसरे पर चिल्ला रहे थे और सीनियर वकीलों को दबा देना चाह रहे थे। ऐसा लग रहा था कि कोर्ट नहीं, मछली बाजार हो।

जस्टिस ठाकुर इस बात को लेकर भी खफा दिखे कि कुछ वकीलों ने सरकार का पक्ष रख रहे अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी को बाधित किया। इसके साथ ही कपिल सिब्बल और पी. चिदंबरम सरीखे वरिष्ठ वकीलों को भी पेरशान किया।

उन्होंने कहा कि,'यह बहस का तरीका नहीं है जो कि वकीलों ने दिखाया। वकील से मछली बाजार जैसा बना रहे हैं। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।' जस्टिस ठाकुर 3 जनवरी रिटायर हो रहे हैं।