इंटरनेट सेवा के लिए नेपाल-चीन में करार

नई दिल्ली(9 दिसंबर): नेपाल की सरकारी दूसंचार कंपनी नेपाल टेलिकॉम और चीन की टेलिकॉम ग्लोबल ने दोनों देशों के बीच इंटरनेट प्रोटोकॉल सेवा देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। यह सेवा सीमापार स्थलीय केबल रूट के जरिए दी जाएगी। नेपाल की कंपनी ने इसकी जानकारी दी। खास बात यह है कि इससे इंटरनेट सेवाओं के मामले में नेपाल की भारत पर निर्भरता कम हो जाएगी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक नेपाली कंपनी ने एक प्रेस बयान में कहा कि चीन के जीलोंग बंदरगाह (केरुंग) को इंटरनेट सेवा देने के लिए रूट के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों कंपनियों ने चीन के हॉन्ग कॉन्ग में मंगलवार को समझौते पर हस्ताक्षर किया। यह समझौता दोनों देशों के बीच जून में जीलोंग (केयरोंग)-रसुवागाधी सीमा पर ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ने के बाद हुआ है।

चीन और नेपाल के बीच इस समझौते का असर यह होगा कि नेपाल की वैश्विक दूरसंचार और इंटरनेट सेवाओं से जुड़ने के लिए भारत पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। नेपाल टेलिकॉम ने कहा, 'दोनों देशों के स्थलीय केबल मार्ग के जरिए जुड़ने से नेपाल को दूसरे देशों के दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से जुड़ने में मदद मिलेगी।'