डिजिटल पेमेंट्स करने पर सरकार देगी 1 करोड़ तक का इनाम

नई दिल्ली ( 11 दिसंबर ): मोदी सरकार देश को कैशलेस सोसायटी की दिशा में बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन्स को बढ़ावा देने की नीति अपना रही है। इसी कोशिश के तहत नीति आयोग ने डिजिटल पेमेंट्स सिस्टम्स के इस्तेमाल करने वालों के लिए एक इन्सेंटिव स्कीम की घोषणा की है जिसमें 1 करोड़ रुपये तक के पुरस्कार शामिल हैं।

खबरों के अनुसार, प्राइज मनी के लिए नेशनल फाइनेंशल इन्क्लूजन फंड (NPCI) से 125 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। NPCI एक गैर-लाभकारी कंपनी है जो भारत को कैशलेस समाज की ओर ले जाने के लिए प्रयासरत है। यह सभी रिटेल पेमेंट्स सिस्टम्स पर नजर रखती है।

NPCI के तहत 10 बैंक

एसबीआई, पंजाब नैशनल बैंक, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, सिटी बैंक और एचएसबीसी- कुल 10 बैंकों ने एनपीसीआई के पेमेंट्स सिस्टम्स को अपनाया हुआ है।

इन्सेंटिव स्कीम का लक्ष्य गांवों और छोटे-छोटे शहरों के लोगों को डिजिटल ट्रांजैक्शन की तरफ कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है। इसमें हर तीसरे महीने यानी साल में चार बार ट्रांजैक्शन आइडीज का लकी ड्रॉ निकलेगा। इस ड्रॉ के विजेता को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

10 लाख रुपये का लकी ड्रॉ

स्कीम के तहत एक साप्ताहिक लकी ड्रॉ की भी योजना है। यह ड्रॉ भी ट्रांजैक्शन आइडीज के जरिए ही निकाला जाएगा। इसमें विजेता को 10 लाख रुपये मिलेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि साप्ताहिक ड्रॉ में 10 ग्राहकों और 10 व्यापारियों को पुरस्कार दिए जाएंगे।

पेमेंट्स के ये सारे तरीके मान्य

इस स्कीम के तहत USSD, AEPS, UPI, RuPay कार्ड्स आदि से डिजिटल पेमेंट्स करनेवाले सभी कन्ज्यूमर्स और मर्चेंट्स पुरस्कार पाने योग्य हैं।

विक्रेताओं के लिए

व्यापारियों के मामले में POS मशीन से किए गए ट्रांजैक्शन्स भी शामिल होंगे। यह योजना दिसंबर 2016 के आखिर से शुरू हो जाएगी। इसमें वो सभी लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने 8 नवंबर के बाद डिजिटल पेमेंट्स किए हैं। योजना की अवधि को लेकर यह विचार हो रहा है कि इसे 6 महीने के लिए लाया जाए या एक साल के लिए।