ट्रंप के इस बयान ने बढ़ाई भारतीयों की टेंशन

वॉशिंगटन (10 दिसंबर): भले ही अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने भारी तादाद में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देकर वहां का नया राष्ट्रपति चुनने में मदद की है, लेकिन उन्होंने ऐसा बयान दिया है जो अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों के लिए बेहतर नहीं है।


ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिकियों की जगह विदेशी कामगारों को नौकरी पर रखे जाने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने डिज्नी वर्ल्ड और उन दूसरी अमेरिकी कंपनियों का हवाला दिया, जहां भारतीय कामगारों समेत एच1-बी वीजा पर अमेरिका आए अन्य विदेशियों ने अमेरिकियों की नौकरियां छीन लीं।


गौरतलब है कि डिज्नी वर्ल्ड और दो आउटसोर्सिंग कंपनियों पर इनके दो पूर्व तकनीकी कर्मचारियों ने संघीय कानून के तहत मुकदमा कर दिया है। शिकायत में कहा गया है कि इन कंपनियों ने अमेरिकी वर्करों को एच1-बी वीजाधारी सस्ते विदेशी मजदूरों जिनमें ज्यादातर भारतीय हैं, से स्थानांतरित करने के लिए साजिश रची।


दोनों कर्मचारियों लियो परेरो और डीना मोर डिज्नी के उन 250 तकनीकी कर्मचारियों में शामिल हैं जिन्हें 2015 में ऑरलैंडो के डिज्नी वर्ल्ड ने नौकरी से निकाल दिया था। दोनों ने दो आईटी कंपनियों एचसीएल इंक और कॉग्निजंट टेक्नॉलजीज को भी मुकदमे में घसीटा है।