ट्रेन से यात्रा करना होगा महंगा, सेफ्टी सेस लगाएगा रेलवे!

नई दिल्ली ( 11 दिसंबर ): रेलवे अपने संसाधन बढ़ाने के लिए किराया बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए रेलवे की ओर से एक सेफ्टी सेस लगाने का प्रस्ताव है। रेल मंत्रालय ने सेफ्टी को मजबूत करने के लिए एक स्‍पेशल सेफ्टी फंड का प्रपोजल भेजा था, जिसे वित्त मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद रेलवे सेफ्टी सेस लगाने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय स्‍पेशल सेफ्टी फंड के लिए सिर्फ 25% देने पर सहमत‍ हुआ है।

बाकी 75% रेलवे को अपने रिसोर्सेस से जुटाने का सुझाव दिया है।

रेल मंत्रालय के प्रपोजल के मुताबिक, सेफ्टी सेस का इस्‍तेमाल ट्रैक को मजबूत करने, सिग्‍नलिंग सिस्‍टम को अपग्रेड करने और मानवरहित क्रासिंग को हटाने समेत सेफ्टी से जुड़े कामों पर किया जाएगा।

सुरेश प्रभु ने अरुण जेटली को पत्र लिखकर करीब 1.20 लाख करोड़ रुपए का विशेष 'राष्‍ट्रीय रेल संरक्षा कोष' बनाने की मांग की थी। इसका इस्‍तेमाल रेलवे के विभिन्‍न सेफ्टी कामों के लिए किए जाने का प्रस्ताव था।

रेल मंत्री के इस प्रपोजल को वित्त मंत्री ने सही नहीं माना। वित्त मंत्री ने रेलवे को किराया बढ़ाकर अपने रिसोर्सेस के जरिए फंड जुटाने के लिए कहा है।

खबरों के मुताबिक, रेल मंत्री इस समय किराया बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। जब पैसेंजर बुकिंग कम हो रही और एसी-2 और एसी-1 का किराया पहले से अधिक है। लेकिन, वित्त मंत्री की ओर से बेलआउट पैकेज नहीं देने की वजह से मंत्रालय के पास और कोई ऑप्‍शन नजर नहीं आ रहा है।

रेलवे के प्‍लान के मुताबिक, स्‍लीपर, सेकंड क्‍लास और एसी-3 पर सेफ्टी सेस ज्यादा लगाया जाएगा। एसी-2 और एसी-1 के लिए यह मामूली होगा। किराया बढ़ाने पर अंतिम फैसला सभी बातों पर विचार के बाद ही लिया जाएगा।