एशिया के सबसे बड़े स्लम पर नोटबंदी की मार, पलायन को मजबूर लोग

मुंबई (11 दिसंबर): नोटबंदी के 33वें दिन आज भी देशभर में कैश की भारी क्राइसिस है। आज रविवार की वजह से छुट्टी होने के बावजूद देशभर में एटीएम के बाहर लंबी-लंबी लाइने लगी है। कैश क्रंच की वजह से लोग अपनी दैनिक जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

500 और 1000 रुपये के नोटों पर पाबंदी और कैश की किल्लत की वजह से देशभर के छोटे उद्योग-धंधों पर बुरा असर पड़ा है। छोटे मजदूर और कामगारों का हाल बेहाल है। नगदी की कमी होने की वजह से उनका धंधा पूरी तरह से ठप हो गया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के धारावी इलाके में भी इस नोटबंदी खासा असर पड़ा है।

यहां मोची, सिलाई करने वाले, आइसक्रीम बेचने वाले समेत अन्य छोटे-छोटे काम से जुड़े लोगों का धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है। राजगार की कमी की वजह से भारी तादाद में लोग पलायन करने को मजबूर हैं। यहां लंबे अरसे से काम कर रहे बिहार, यूपी समेत तमाम इलाकों के लोग अपने-अपने घरों को लौट रहे हैं।

एशिया के सबसे बड़े स्लम इलाके धारावी से 80 से 90 फीसदी तक कपड़ा, चमड़ा समेत अन्य छोटे-छोटे उद्योग बंद हो चुके हैं। नोटबंदी के बाद बचे खुचे लोगों की आमदनी पर भी खासा आसर पड़ा है। नोटबंदी से पहले जो लोगों रोजाना तकरीबन 500 रुपया कमा लेता था और 300 रुपये के लाले पड़ रहे हैं।