अब सरकारी अस्पतालों को कैशलेस करने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली ( 11 दिसंबर ): पीएम मोदी के 8 नवंबर की आधी रात से 1000 और 500 के पुराने नोट बंद किए जाने के बाद अब सरकार की तरफ से कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और कई छूट भी दी जा रही है। इसी क्रम में अब केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अस्पतालों को भी कैशलेस करने की तैयारी कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को पत्र लिखकर कहा जा रहा है और फोन पर भी बात की जा रही है। निर्देश दिया जा रहा है कि अस्पताल में यदि मरीज ऑनलाइन पेमेंट करना चाहते हैं तो उन्हें मना न किया जाए और इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट की सारी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। नोटबंदी के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से केन्द्र सरकार के अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि यदि कोई मरीज इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट करना चाहता है तो उसके लिए सारी सुविधा अस्पताल में उपलब्ध कराई जाए।

किसी मरीज को इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन से मना नहीं किया जा सकता। डेबिट और क्रेडिट कार्ड के अलावा मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, ई-वॉलेट्स के अलावा चेक और ड्राफ्ट से यदि मरीज पेमेंट करना चाहता है तो उसे अस्पताल इनकार नहीं कर सकता। स्वास्थ्य मंत्रालय ने केन्द्र सरकार के अस्पतालों से स्पष्ट कहा है कि जितनी जल्दी हो इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट करने की सारी सुविधा उपलब्ध कराएं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी  का कहना कि सभी राज्यों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है कि सरकारी अस्पतालों में जितना संभव हो इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट हो इसकी व्यवस्था करें। मंत्रालय के अधिकारी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से इस संबंध में फोन पर भी बातचीत कर जरुरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इंस्टॉलेशन और बैंक से बातचीत कर व्यवस्था करने के लिए कहा है। हालांकि अभी 15 दिसंबर तक सभी सरकारी अस्पतालों में पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट स्वीकार किए जा रहे हैं।