पंजाब में 30 अप्रैल तक बढ़ाया लॉकडाउन और कर्फ्यू

नई दिल्‍ली:

देश के बढ़ते कोरोना के संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 दिन के लॉकडाउन का आदेश दिया था, जो 15 अप्रैल को खत्‍म हो रही है। हालांकि अभी भी देश में कोरोना के मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है, जिसको देखते हुए पंजाब में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन को बढ़ाया दिया गया है।

पंजाब कैबिनेट ने लॉकडाउन बढ़ाने के आदेश को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब पंजाब में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन और कर्फ्यू दोनों जारी रहेंगे। इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया था। उन्होंने कहा, “इसके लिए, आपको साफ कपड़े का एक टुकड़ा चाहिए।”

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी, “पंजाब में मास्क पहनना अब अनिवार्य है।” उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य सचिव लोगों के लिए विस्तृत सलाह जारी कर रहे हैं। किसी जरूरी काम के लिए घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना याद रखें। आप सबको साफ कपड़े के एक टुकड़े की जरूरत है। चलिए हम सभी सुरक्षित रहे और कोविड-19 के खिलाफ एकजुट होकर लड़ें।”

पंजाब में शुक्रवार सुबह कोरोना का एक नया मामला सामने आने के साथ राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 131 हो गई है। इस बीमारी से राज्य में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

पंजाब में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) ऑर्डिनेंस

कोरोना वायरस के खिलाफ लगातार पंजाब में पुख्ता की जा रही मेडिकल सुविधाओं के मद्देनजर पंजाब कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है और पंजाब क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) ऑर्डिनेंस 2020 लाया गया है। जिसके तहत पंजाब के तमाम प्राइवेट अस्पताल कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सरकार के साथ काम करने को बाध्य होंगे। पंजाब के तमाम प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। पंजाब कैबिनेट ने काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स बनाया है जो इस बिल को लेकर तमाम कानूनी पहलू स्टडी करेगा और इस बिल को प्रदेश में लागू करेगा। इस बिल में ये सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पतालों की फंक्शनिंग में पूरी ट्रांसपेरेंसी हो और हर आम आदमी को स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। हालांकि पंजाब सरकार ने ये भी वादा प्राइवेट अस्पतालों से किया है कि अस्पतालों के डे टू डे काम में ज्यादा दखलअंदाजी पंजाब सरकार की नहीं रहेगी। पंजाब के तमाम ऐसे अस्पताल जिनके पास 50 बेड या उससे ज्यादा है वो इस बिल के अधीन आएंगे।

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