Tuesday, June 2, 2020

कोरोना का खौफ: सुप्रीम कोर्ट का जेल से कैदियों को छोड़ने का निर्देश

Coronavirus: सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से एक उच्चाधिकार समिति गठित करने को कहा है जो तय करेगी कि किस श्रेणी के अपराधियों को तत्काल अंतरिम जमानत या पेरोल पर रिहा किया जा सकता है।

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली: जेलों में कोरोना (Coronavirus) संक्रमण से निपटने और संक्रमण की स्थिति में निपटने के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत (Supreme Court) ने अभूतपूर्व कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने के लिए अंदर ट्रायल और सात साल से कम सजा पाए कैदियों की रिहाई का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से एक उच्चाधिकार समिति गठित करने को कहा है जो तय करेगी कि किस श्रेणी के अपराधियों को तत्काल अंतरिम जमानत या पेरोल पर रिहा किया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सात साल से कम सजा  पाए कैदियों को जमानत पर रिहा किया जा सकता है। इस समिति में राज्य के विधि सचिव, जेल महानिदेशक और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष शामिल होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों के होने और ऐसे में कोरोना संक्रमण (COVID 19) की आशंका से निपटने के लिए स्वतः  संज्ञान लेते हुए जारी किया है। इस मामले में कोर्ट ने 20 मार्च को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जेलों में संक्रमण रोकने के लिए सभी जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं। तुषार मेहता ने कहा कि चिंता, विदेश कैदियों से है जो नारकोटिक्स इत्यादि मामलों में जेल जा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार के द्वारा उठाए गए कदम की तारीफ करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे ने कहा कि- सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। उसके आलोचक तक यही कह रहे हैं। सरकार को उसका काम करने देना चाहिए।” मुख्य न्यायाधीश ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कही जिसमें मांग की गई थी कि कोर्ट सरकार को कोरोना संक्रमण  से निपटने के लिए तत्काल और पर्याप्त कदम उठाने का निर्देश दे।
आज सुप्रीम कोर्ट में केवल मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने ही सुनवाई की। आज की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई। जिसमें जज कोर्टरूम में बैठे थे जबकि वकील अलग रूम में बैठकर अपनी दलील रख रहे थे। सुप्रीम कोर्ट परिसर में वकीलों के चैंबर में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए एहतियात बरतते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल शाम पांच बजे से सभी चैंबर बंद करने का आदेश दिया है।
(News 24 की अपील- दुनिया के लिए आप महज एक व्यक्ति हैं, लेकिन अपने परिवार के लिए आप ही पूरी दुनिया हैं। लिहाजा कोरोना के जानलेवा विषाणु से अपना और अपने परिवार का बचाव करें। सरकार और डॉक्टरों के द्वारा बताए गए सुझाव और नियमों की कतई अनदेखी न करें। कृपया मामले की गंभीरत को समझें)

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