Wednesday, July 8, 2020

चीन में इस नए रूप के साथ और भी ज्‍यादा खतरनाक होकर लौटा कोरोना, ड्रैगन के छूटे पसीने

चीन अब यह दावा कर रहा है कि उसने अपने देश में कोरोना पर पूरी तरह से पार पा लिया है, लेकिन अब जो खबर चीन में सामने आई है, उससे ड्रैगन परेशान हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना ने चीन में नया रूप धारण कर लिया है और वह ज्‍यादा खतरनाक बनकर फिर लौटा है।

नई दिल्‍ली: चीन ने दुनिया को ऐसी महामारी दी है, जिसको दशकों तक याद रखा जाएगा। हालांकि चीन अब यह दावा कर रहा है कि उसने अपने देश में कोरोना पर पूरी तरह से पार पा लिया है, लेकिन अब जो खबर चीन में सामने आई है, उससे ड्रैगन परेशान हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना ने चीन में नया रूप धारण कर लिया है और वह ज्‍यादा खतरनाक बनकर फिर लौटा है।

चीन के हुबेई प्रांत में कोरोना एक बार फिर जिंदा होकर लौटा है, जिसको ड्रैगन पूरी तरह से खत्‍म होने का दावा कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, यह नया कोरोना पुराने कोरोना से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि इस नए कोरोना का कोई लक्षण ही नहीं है। इसका मतलब सीधा यह है कि इसके शिकार को पता भी नहीं चलता और वह धीरे-धीरे मौत के मुंह में चला जाता है।

चीन का दावा था कि उसने अपने देश से कोरोना को खत्‍म कर दिया है, लेकिन नए कोरोना के 1541 मामले सामने आने के बाद उसके भी हाथ-पांव फूल गए हैं। महामारी विज्ञान के विशेषज्ञ एंटोनी फ्लैहॉल्ट का मानना है कि ये तो अभी कोरोना का पहला ही चरण है। अभी इसके और फेज बाकी हैं। एक तरफ जहां दुनिया अभी कोरोना के पहले फेज से गुजर रही है, वहीं चीन में इसका दूसरा चरण शुरू हो चुका है।

अभी तक जो कोरोना दुनिया में फैला है, उसके लक्षण के आधार पर ही उसके मरीजों की पहचान की जा रही है। कोरोना के मरीज सर्दी, खांसी, गला खराब, बुखार सांस लेने में तकलीफ की समस्‍या बताते हैं और फिर इसको आधार मानते हुए उनकी जांच की जाती है, लेकिन इस नए कोरोना के संक्रमण का कोई लक्षण ही नहीं है, इसीलिए इसे एसिम्टोमैटिक केस कहा जा रहा है।

क्‍या है एसिम्टोमैटिक केस

इसका मतलब यह है कि नए कोरोना में मरीज को बीमारी के कोई लक्षण नज़र नहीं आएंगे। मतलब इसकी जानकारी ना तो खुद उस शख्स को होगी और ना ही बिना टेस्ट के कोई डॉक्टर इसका पता लगा पाएगा। यही नहीं टेम्प्रेचर चेक करने वाली मशीन भी इस संक्रमित मरीजों को पकड़ तक नहीं पाएगी।

दुनियाभर में कोरोना के जो मामले अब तक सामने आए हैं वो सिम्टोमैटिक केसेज थे यानी वो कोरोना से संक्रमित भी थे और उनमें इसके लक्षण भी साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। इसलिए उनको पहचानना भी आसान था। मगर कोरोना के एसिम्टोमैटिक मामले सामने आने की वजह से ये खतरा ना सिर्फ चीनी अथॉरिटी और वहां के लोगों के लिए बहुत बड़ा हो गया है बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी एक बड़ी चुनौती होगी।

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