अयोध्या: 27 साल बाद टेंट से निकलकर चांदी के सिंहासन पर विराजनमान हुए रामलला

Ayodhya Ram Mandir:

आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। आज नवरात्रि का पहला दिन है। नवरात्रि के पहले दिन आज सुबह-सुबह 27 वर्ष बाद रामलला टेंट से निकलकर अस्थायी भवन में विराजमान हो गये। वैदिक मंत्रोचारण के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह पांच बजे रामलला को नए स्थान पर विराजमान कराया। भव्य आरती और पूजन के बाद भगवान रामलला नये घर में विराजमान हो गये।

रामजन्मभूमि परिसर में चल रहे अनुष्ठान में सीएम योगी के साथ प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास व ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास, श्रीराम जन्मभूमि तीथ क्षेत्रट्रस्ट के महामंत्री चंपतराय भी मौजूद रहे। रामलला को सीएम योगी आदित्यनाथ ने, भरत को राजा अयोध्या बिमलेंद्र मिश्र ने, लक्ष्मण को डॉ अनिल मिश्र ने, शत्रुघ्न को दिनेन्द्रदास तथा शालिग्राम भगवान को महंत सुरेश दास ने वैकल्पिक गर्भगृह में पहुंचाया।

श्रीराम का यह नया अस्थायी आवास जन्मभूमि परिसर स्थित मानस भवन के पास है। मूल स्थान पर भव्य राम मंदिर के निर्माण होने तक रामलला अस्थायी परिसर में रहेंगे। फाइबर से बना रामलला का यह अस्थायी परिसर पूरी तरह से एयरकंडीशन और बुलेटप्रूफ है। नये मंदिर के निर्माण होने तक प्रभु श्रीराम अस्थायी परिसर में ही भक्तों को दर्शन देंगे।

रामलला की पूजन और आरती में भाग लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामलला के मंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा हो गया है। जल्द ही भव्य मंदिर बनकर तैयार होगा। मुख्यमंत्री ने 11 लाख रुपए का चेक भी रामलला को दान दिया।

साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्री राम अपने नए आसन पर विराजमान होकर के हम सब पर अपनी कृपा और अपना आशीर्वाद निरंतर प्रदान करते रहे। यह देश वर्तमान में जिस एक नई वैश्विक महामारी का सामना करने के लिए तैयार हुआ है, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया के जो तमाम संगठन हैं, विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र संघ, इन सब ने भारत की वर्तमान प्रयासों की सराहना की है। हम सब अपने अंदर इस प्रकार की ताकत महसूस कर सकें कि वर्तमान की इन चुनौतियों का सामना करने में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम हम सबको इतनी शक्ति दें कि हम लोग ना केवल वर्तमान बल्कि इस आपदा का सामना करने भविष्य के उस नये भारत के निर्माण में आगे बढ़ सके।

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