Thursday, July 2, 2020

Corona Lock Down: उद्योगों को मंदी से उबारने के लिए 200 मिलियन डॉलर का राहत पैकेज!

एसोचैम ने डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के मार्फ़त एम्प्लायर के जरिये एम्प्लॉय और मजदूरों को फौरी राहत देने की मांग की है। ये सुनिश्चित करने को कहा कि कंपनियों को पर्याप्त नगदी उपलब्ध कराई जाए जिससे वे खुद को संकट से उबार सकें। साथ ही वितीय मदद और टैक्स में छूट देकर मांग को बढ़ावा दिया जाए।

मनीष कुमार, दिल्ली। KOVID-19 के चलते सरकार को देश में लॉक डाउन का एलान करना पड़ा। जिसके चलते देश की अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल छा गए है। विकास की पहिया ठहर गयी है। अर्थव्यवस्था को इस संकट से उबारने के लिए केंद्र सरकार से उद्योगजगत एक बड़े राहत पैकेज की मांग कर रहा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में एसोचैम के प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी ने KOVID-19 से लड़ते हुए अबतक के सबसे भीषण आर्थिक मंदी से देश को उबारने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 16 सुझाव देते हुए सरकार से 200 से 300 बिलियन डॉलर के राहत पैकेज की मांग की है।

एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल दीपक सूद के मुताबिक दुनिया के देशों ने मंदी से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए बड़े राहत पैकेज देने का एलान किया है। उसी का अनुकरण करते हुए सरकार को जीडीपी के 10 फीसदी के बराबर राहत पैकेज देने की घोषणा करनी चाहिए जो करीब 200 बिलियन डॉलर के करीब बनता है। 50 से 100 बिलियन डॉलर नगदी बाजार में डालने की जरूरत है जिससे कि रोजगार के खोने की संभावना को रोका जा सके और आमदनी का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जा सके। इस राहत पैकेज से कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, कामगारों को फायदा होगा।

एसोचैम ने डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के मार्फ़त एम्प्लायर के जरिये एम्प्लॉय और मजदूरों को फौरी राहत देने की मांग की है। ये सुनिश्चित करने को कहा कि कंपनियों को पर्याप्त नगदी उपलब्ध कराई जाए जिससे वे खुद को संकट से उबार सकें। साथ ही वितीय मदद और टैक्स में छूट देकर मांग को बढ़ावा दिया जाए।
.
लॉक डाउन के खत्म होने के तुरंत बाद नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान को लागू किया जाए। एसोचैम ने कंपनियों के कर्ज की एक बार रिस्ट्रक्चरिंग करने, मूलधन रीपेमेंट के प्रक्रिया को मार्च 2021 से शुरू करने, 6 महीने तक NCLT के नियमों को टालने और आरबीआई द्वारा रेपो रेट में एक फीसदी की और कमी कर कर्ज सस्ता करने की मांग की है।

एसोचैम ने केंद्र सरकार से 3 महीने के लिए सभी स्लैब में जीएसटी दरों में 50 फीसदी और इस वितीय वर्ष के लिए जीएसटी रेट में 25 फीसदी की कटौती करने की मांग की है। जीएसटी का भुगतान बगैर ब्याज के अक्टूबर 2020 से 6 तिमाही में भुगतान करने की इजाजत दी जाए। 2019 -20 के लिए फाइनल इनकम टैक्स के भुगतान और 2020-21 के लिए एडवांस इनकम टैक्स के भुगतान करने की समय सीमा को बढ़ाकर अक्टूबर 2020 किया जाए। और उसपर कोई ब्याज नहीं वसूला जाए।

एसोचैम ने रियल एस्टेट के लिए अंडर कंस्ट्रक्शन घरों पर लगने वाले 5 फीसदी जीएसटी को खत्म करने या इनपुट टैक्स क्रेडिट देने की मांग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

चीन का तियां-पांचा तय, गलवान निपटा नहीं, रूस के इस शहर पर ठोंका दावा, देखें क्या बोले पुतिन!

नई दिल्ली। दुनिया की तमाम बड़ी तकतों के साथ ही जब रूस ने भी चीन से गलवान पर गंदी नजर न डालने को कहा...

Recipe: गर्मी और कोरोना दोनों से बचाएगी ये स्पेशल ड्रींक, जानिए इसकी क्विक रेसिपी

नई दिल्ली। इस समय न सिर्फ गर्मी बल्कि कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए ऐसी चीजों का इस्तेमाल या सेवन करना बेहद जरूरी...

नेपाल में सियासी हलचल तेजः राष्ट्रपति मिले प्रचण्ड और ओली, देश के नाम संबोधन में पीएम के इस्तीफे की अटकलें!

नई दिल्ली। नेपाल की राजधानी काठमाण्डु में सियासी गतिविधियां बहुत तेजी से बदल रही हैं। गुरुवार की सुबह से बैठकों का दौर-दौरा जारी रहा।...

आपके मोबाइल फोन तक कैसे पहुंचता है? इंटरनेट क्या आपने कभी सोचा है?

नई दिल्ली। इंटरनेट का हमारे मोबाइल तक पहुंचने में काफी लम्बा प्रोसेस है लेकिन फिर भी हमारी जानकारी नैनो सेकेंड्स में एक जगह से...