Thursday, July 9, 2020

31 मई के बाद इन छूट के साथ लॉकडाउन बढ़ाना चाहती है राजस्थान सरकार

अब राजस्थान में सभी 33 जिलों में कोरोना का संक्रमण पहुंच चुका है। ऐसे में यदि मोदी सरकार लॉकडाउन के पांचवें चरण में जाने का ऐलान करती है तो राजस्थान को भी इस पर आपत्ति नहीं होगी, लेकिन वह अपनी जरूरतों के लिहाज़ से छूट के दायरे को बढ़ाना चाहेगा।

केजे श्रीवत्‍सन: राजस्थान में जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे लॉकडाउन 5 को लेकर भी अटकलें लगनी शुरू हो गई है। देश में राजस्थान ही ऐसा पहला राज्य था, जिसने पीएम मोदी के लॉकडाउन के ऐलान के 48 घंटे पहले ही इसे लागू कर दिया था। छूट के जरिए राहत देने में भी अन्य राज्यों की तुलना में प्रदेश सबसे आगे है। ऐसे में संभावना है की यदि केंद्र सरकार लॉकडाउन जारी रखने का फैसला लेती है तो इसे लागू करने के साथ राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार कई और राहत का ऐलान कर सकती ही।

कोरोना का ख़तरा अभी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ है। जानकारों की माने तो जून-जुलाई में कोरोना को लेकर सबसे अधिक आफत आ सकती है, क्योंकि जैसे-जैसे टेस्ट बढ़ते जाएंगे और प्रवासियों का आना लगा रहेगा, वैसे-वैसे पॉजिटिव मरीजों की भी संख्या बढ़ती ही जाएगी। वैसे भी अब राजस्थान में सभी 33 जिलों में कोरोना का संक्रमण पहुंच चुका है। ऐसे में यदि मोदी सरकार लॉकडाउन के पांचवें चरण में जाने का ऐलान करती है तो राजस्थान को भी इस पर आपत्ति नहीं होगी, लेकिन वह अपनी जरूरतों के लिहाज़ से छूट के दायरे को बढ़ाना चाहेगा।

इन छूट के साथ लॉकडाउन बढ़ाना चाहती है सरकार
राजस्थान अपने किले, महलों और एतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है और पर्यटन का बड़ा आधार यही है। ऐसे में लॉकडाउन के संभावित अगले चरण के आने पर सबसे पहले सुरक्षित तरीके से इन्हें ही खोलने का सरकार सबसे पहले फैसला करेगी। बाकायदा इसके लिए काम किया जाना भी शुरू हो गया है और पहले कुछ दिन सभी एतिहासिक स्थलों और म्यूजियम्स को लोगों की “एंट्री फ्री” रखी जायेगी, ताकि लोगों की यहां चहल-पहल बढ़ सके। उसके बाद होने वाली आय से इनकी उचित देखभाल और इसके जरिये गुज़ारा करने वाले लोगों को संभाला जा सके।

लॉकडाउन लागू करने से पहले राजस्थान सरकार ने सभी धार्मिक नेताओं की बैठक की थी और उनसे इसमें सहयोग मांगा। मंदिर- मस्जिद और सभी धार्मिक स्थल बंद है। इसके साथ ही छोटे मंदिर के पुजारियों की माली हालत भी ख़राब होती जा रही है। ऐसे में अब धार्मिक स्थल और मठों के प्रमुख सरकार से इन्हें जल्द से जल्द खोलने की मांग कर रहे हैं।

पहले ही सरकार ने सीमित दायरे में परिवहन सेवा शुरू कर दी है, जिसका विस्तार करने के साथ स्कूल-कोलेज, माल-मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघर के अलावा सभी बाजार व मंडियों को खोलने का फैसला भी सरकार ले सकती है। इसके अलावा सरकार अपनी आर्थिक हालत को सुधारने के लिए परिवहन कार्यालय, रजिस्ट्रेशन कार्यालय, जयपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम सहित सभी राजस्व कार्यालय भी खोलने पर विचार कर रही है। सरकार खुद मानती है कि अभी जैसे-जैसे केस बढ़ते जा रहे हैं और प्रवासियों की संख्या बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है यानी खतरा टला नहीं है। ऐसे में जहां अशोक गहलोत सरकार खुद लोगों को छूट के जरिये राहत दे रही है, वहीं केंद्र से भी लोगों के खाते में सीधा रुपया डालने की मांग कर रही है।

जाहिर है क‍ि अब सबकी नज़र केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन को बढ़ाए जाने को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर लग गई है, लेकिन सरकार की कोशिश भी लोगों को राहत देने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Good News: मिल गया Corona का Killer, अब हवा में ही हो जाएगा कोरोना वायरस का खात्मा

नई दिल्ली। जैसे ही डब्लूएचओ ने इस बात को माना कि कुछ खास परिस्थितियों में कोरोना वायरस हवा के माध्यम से भी फैल सकता...

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 7 लाख 67 हजार के पार, अबतक 21000 से ज्यादा लोगों की जा चुकी है जान

नई दिल्ली: चीनी वायरस कोरोना (Coronavirus) यानी कोविड 19 (Covid 19) के संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए देश में 24 मार्च से...

BIG BREAKING: विकास दुबे उज्‍जैन में गिरफ्तार

नई दिल्‍ली: कानुपर के बिकरू गांव से 8 पुलिसकर्मियों की हत्‍या के बार फरार विकास दुबे को उज्‍जैन में गिरफ्तार कर लिया गया है।...

रेलवे में निजीकरण के आरोप पर बचाव में आये रेल मंत्री, कहा- इससे रोजगार के मौके और यात्री सुविधा बढ़ेगी

कुन्दन सिंह, नई दिल्ली: रेल मंत्रालय के द्वारा 109 रूट्स पर 151 प्राइवेट ट्रेन चलाए के निर्णय से उठे निजीकरण के सवाल के जवाब...