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PM Modi Interview: राहुल गांधी को ‘शहजादा’ क्यों कहते हैं PM मोदी…पहली बार प्रधानमंत्री ने न्यूज 24 को बताया

PM Modi Interview: लोकसभा चुनाव 2024 के बीच पीएम मोदी भाजपा और एनडीए के प्रत्याशियों के लिए ताबड़तोड़ रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। इस बीच न्यूज 24 ने उनका अब तक का सबसे एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया। आइये जानते हैं पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा?

Edited By : Rakesh Choudhary | Updated: May 21, 2024 21:30
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PM Modi exclusive interview with News 24

PM Narendra Modi Exclusive Interview: लोकसभा चुनाव 2024 में अब तक 5 चरणों का मतदान हो चुका है। देश में 25 मई को 57 सीटों पर छठे चरण में वोट डाले जाएंगे। वहीं सातवें और आखिरी चरण में 1 जून को 57 सीटों पर मतदान होना है। जबकि 4 जून को मतगणना की जाएगी। लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से पीएम मोदी तो कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं। पीएम मोदी ने आज भी बंगाल और यूपी में कई रैलियों को संबोधित किया। इस बीच न्यूज 24 ने पीएम नरेंद्र मोदी का अब तक का सबसे साॅलिड इंटरव्यू लिया है। इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने महंगाई, बेरोजगारी, 10 साल की उपलब्धियां, गुजरात माॅडल जैसे देश के तमाम बड़े मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। आइये जानते हैं न्यूज 24 के सवालों पर पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा?

सवाल- प्रधानमंत्री जी 10 साल आपको पीएम बने हुए हो गए? 2014 में पीएम बनने के बनने के बाद आपने सीएम मोदी से क्या सीखा?
जवाब- आप मुझे लाख कोशिश करें 2014 में ले जाने की लेकिन मैं देश को 2047 की ओर ले जाना चाहता हूं। मैंने अपने आपको पूरी तरह से उसके लिए समर्पित किया हुआ है। मैंने अपनी पूरी शक्ति उसी में लगाई है। अब आते हैं आपकी बात पर। आपकी बात बिल्कुल ठीक है। अनुभव से बड़ा कोई शिक्षक नहीं है। देश में जितने पीएम हुए हैं उसमें से कुछ ही पीएम ऐसे हुए हैं जिन्होंने बतौर सीएम काम करने का अवसर मिला। मैं ऐसा पहला पीएम था जिसने लंबे समय तक सीएम के तौर पर काम करने का मौका मिला।

पीएम ने आगे कहा कि सीएम रहने के दौरान आप केवल फीता काटने, इंटरव्यू देने और दीया जलाने तक सीमित नहीं रहते। सीएम रहने के दौरान मुझे कई अन्य राज्यों के सीएम के साथ भी काम करने का अवसर मिला। मैं सही मायनों में सच्चे संघवाद की भावना वहीं से सीखकर आया हूं। इसलिए पीएम रहते हुए भी कभी भी किसी भी राज्य के सााथ भेदभाव नहीं किया।

सवाल- पीएम के तौर पर 10 साल के सफर को आप कैसे देखते हैं? इस दौरान कई बड़े फैसले आपने लिए, सफर आसान रहा या मुश्किल?
जवाब- पहली बात कोई भी काम आसान नहीं होता है। भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। चुनौतियां तो हर कदम पर हैं। मुसीबतों से भागना मेरे स्वभाव में नहीं है। जहां तक संतोष की बात है मैं अपने संतोष के लिए नहीं बल्कि देशवासियों के संतोष के लिए काम करता हूं। मैं अपने जीवन में बेंचमार्क स्थापित करने की कोशिश करता हूं। मैं स्वयं ही अपने रिकाॅर्ड तोड़ता हूं और फिर नया लक्ष्य तय करता हूं। हर रोज नए लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प लेकर सोता हूं। सुबह होने के बाद उसे पूरा करने में लग जाता हूं और इसलिए मैं निरंतर प्रगति के पक्ष में रहा हूं।

सवाल- प्रधानमंत्री जी गुजरात माॅडल में गर्वनेंस और विकास की बात थी? आप विकास पर बहुत ज्यादा जोर देते हैं? लोकसभा चुनाव में आपके विरोधी कहते हैं कि पीएम अपने भाषण में महंगाई और बेरोजगारी पर बात नहीं करते और ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुसलमान करते हैं?
जवाब- मैं चाहूंगा कि आपका चैनल लोकसभा चुनाव के दौरान मेरे दिए भाषणों का बराबरी से तार्किकता के साथ विश्लेषण करे और ये पता लगाए कि मैंने इन दो शब्दों का जिक्र कितनी बार किया है? आप इन लोगों से काउंटर सवाल कीजिए। देश में लंबे समय तक कांग्रेस का राज रहा। इंदिरा गांधी के दौर में देश में सबसे ज्यादा महंगाई थी। दूसरा मनमोहन सिंह के समय कितनी महंगाई थी और हमारे समय में कितनी महंगाई है। महंगाई की दर आज देश में सबसे कम है। पंडित नेहरू का एक भाषण है जिसमें वो लाल किले से कह रहे हैं कि देश में महंगाई का कारण उत्तर और दक्षिण कोरिया में चल रहा युद्ध है। जबकि उस दौर में वैश्वीकरण नहीं था। लेकिन वर्तमान में दो-दो युद्ध चल रहे हैं इसके बावजूद महंगाई विश्व के अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है।

युद्ध के कारण किसी भी देश के फूड, ईंधन और उर्वरक के दामों में तेजी से बदलाव आता है। हमारे देश में आज यूरिया की बोरी 300 रुपए में मिल रही है वहीं अमेरिका जैसे विकसित देशों में इसके दाम 3 हजार रुपए से ज्यादा है।

सवाल- जब से आप पीएम बने हैं उसके बाद से मीडिया को सूत्रों के हवाले से मिलने वाली खबर मिलना बंद हो गई है, क्या आपको मीडिया से कोई परेशानी है?
जवाब- नहीं मुझे मीडिया से कोई परेशानी नहीं है मीडिया की वजह से ही आज मैं यहां तक पहुंचा हूं। होता क्या है कि लोगों ने मुझे इतनी गालियां दीं कि जब लोग उन्हें टीवी पर देखते हैं तो सोचते हैं कि गजब है पीएम को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इसके बावजूद में लगातार काम करता रहता हूं। हां सूत्रों के हवाले वाली समस्या आपकी एकदम ठीक है। आपको खबरों की दुनिया पूरे 24 घंटे चलानी होती है और बिना सरकारी सूत्रों के आप कोई अधिकृत खबर चला नहीं सकते। हमारी सरकार में हर प्रकार का लीकेज बंद हैं। खबरों का भी और पैसे का भी। अब आप लोग 4 जून के परिणाम सामने आने के बाद ये चर्चा नहीं करेंगे कि जीत कैसे हुई? क्या रणनीति थी? इसके बजाय आप लोग इस राज्य से ये मंत्री बनेगा ये नहीं बनेगा। आपके चक्कर में कई लोग तैयारी भी करने लगते हैं, लेकिन ऐसा होता कुछ नहीं है।

सवाल- प्रधानमंत्री जी आप हमेशा मिशन मोड में क्यों रहते हैं? ऐसा लगता है कि आपके पास काम ज्यादा है और समय कम है?
जवाब- आपकी बात सही है। आपने क्रिकेट में देखा होगा कि जब शुरुआती बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाते हैं तो बीच के और पुछल्ले बल्लेबाजों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। मेरे साथ भी ऐसा ही हो रहा है। पिछली सरकारों में इतने घपले और घोटाले हुए हैं कि मैं पिछले 10 सालों से इन गड्ढों को भरने में लगा हूं। मैं इन गड्ढों को भरने के साथ ही वर्तमान भी चलाता हूं और भविष्य की चिंता भी करता हूं। अब आप बताइये ये टाॅयलेट बनाने का काम पहले नहीं हो सकता था लेकिन मुझे आकर करना पड़ रहा है। इसके साथ ही मुझे 5जी पर भी काम करना पड़ रहा है। हमारे देश में हर 5 साल के बाद सरकार के बदलने का क्रम रहा है इसकी कीमत भी देश को चुकानी पड़ी है।

सवाल- प्रधानमंत्री जी आपको पीएम के तौर पर ज्यादा काम करना पड़ता है क्या इसके लिए आपको उपर वाला अलग से कोई शक्ति देता है?
जवाब- परमात्मा ने मुझे किसी काम के लिए भेजा है अब आप इसे दैवीय शक्ति कहें या आध्यात्मिक। मेरे लिए तो 140 करोड़ देशवासी ही ईश्वर का स्वरूप हैं। मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि बिल्कुल सामान्य रही है। परिवार में कोई ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था। ऐसे में मुझे औरों के लिए और देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मां से मिली। क्योंकि उन्होंने जिस प्रकार अभावों और संघर्षों के बाद हमारा लालन-पालन किया ऐसे में हमें इससे बहुत कुछ सीखने को मिला।

सवाल- राहुल गांधी आपसे नाराज हैं क्योंकि वे कहते हैं कि मैं पूरे देश की यात्रा करके आया हूं इसके बावजूद वे मुझे शहजादा कहते हैं?
जवाब- मैं इन चीजों पर ज्यादा नहीं बोलता हूं। जिस प्रकार से रायबरेली और अमेठी को लेकर कहा गया कि मैं यह सीट अपने बेटे को सौंप रही हूं तो यह तो परंपरा नवाबी है। इसलिए मैंने नवाबी परंपरा का अर्थ समझाने के लिए शहजादे शब्द का प्रयोग किया है और इन चीजोें को मैं ज्यादा समय तक तवज्जों नहीं देता हूं।

सवाल- पिछले साल में भाजपा ने अपना एजेंड पूरा कर लिया है अब आगे क्या है?
जवाब- मेरे सपने बड़े हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि भाजपा या हमारी सरकार ने अपना एजेंडा पूरा कर लिया है। मेरा सपना देश को विकसित बनाने का है। मैं चाहता हूं कि एक ऐसा विकसित भारत हो जो ओलंपिक में सबसे ज्यादा मेडल जीते, ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ हो, नोबल प्राइज में भी भारत हमेशा सर्वश्रेष्ठ रहे। मैं चाहता हूं कि देश हर क्षेत्र में दुनिया के किसी अन्य देश की तुलना में सर्वश्रेष्ठ बने। इसलिए मैं आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के मंत्र पर काम कर रहा हूं। जिसको मिशन के लिए काम करना होता है वह सन के लिए काम नहीं करता है।

सवाल- प्रधानमंत्री जी आप इतना सब कुछ सोच कर चल रहे हैं कि लेकिन खड़गे जी कह रहे हैं कि ये आपका आखिरी चुनाव है?
जवाब- हां, मैंने 2019 में संसद में खड़गे जी को संबोधित कर कहा था कि ये उनका आखिरी चुनाव है। आजकल वे मेरे डायलाॅग बोल रहे हैं। मैंने ये भी कहा था कि इस बार बड़े-बड़े नेता चुनाव नहीं लड़ेंगे, वायनाड में चुनाव के बाद दूसरी जगह से लड़ेंगे, देखिए वे रायबरेली पहुंच गए हैं। मैंने कहा था कांग्रेस अमेठी और रायबरेली दोनों सीटें हार रही है। हकीकत यह है कि कांग्रेस इस बार के चुनाव में विपक्ष में बैठने लायक भी नहीं बचेगी। शरद पवार जी ने कुछ दिन पहले क्या कहा था? हकीकत में वैसा ही कुछ चुनाव परिणाम के बाद होने वाला है।

सवाल- मैंने आपकी सरकार में मंत्री हरदीप सिंह पूरी से पूछा था कि आपने कैसे युक्रेन युद्ध को रोका था? तो उन्होंने हमें बताया कि आपने दोनों देशों के प्रेसिडेंट को फोन किया? क्या हुआ अगर वो आप बताएंगे तो?
जवाब- आप मेरे मंत्रीजी से विस्तार में जान चुके हैं कि ये सब कुछ कैसे हुआ था इसलिए मैं नहीं समझता कि इसके इतर और कोई बात हैं जो मेरी जानकारी में है।

First published on: May 21, 2024 09:30 PM

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