नासिक: आश्रम में हैवानियत, गरीब बच्चों के साथ खिलवाड़ करने वाला संचालक गिरफ्तार

अंकुश, मुंबई: महाराष्ट्र के नासिक से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिस व्यक्ति पर विश्वास कर गरीब मां बाप ने अपने बच्चियों को उसके पास छोड़ा था, वही उन बच्चियों के साथ खिलवाड़ कर रहा था। नासिक पुलिस ने एक आश्रम के संचालक को गिरफ्तार किया है। यह संचालक पिछले कई महीनों से आश्रम की बच्चियों के साथ यौन शोषण कर रहा था। इस संचालक की हैवानियत ऐसी थी कि पुलिस को इस मामले में 5 एफआईआर दर्ज़ करनी पड़ी।

खिलवाड़ कर रहा था हर्षल मोरे

नासिक के रिहाइशी इलाके में स्थित दो मंज़िला इमारत गरीब बच्चों के लिए आश्रय थी। उन गरीब मां बाप के बच्चों का ठिकाना था, जो आर्थिक तौर पर समर्थ नहीं थे और अपने बच्चों को यहां छोड़ जाते थे। यह आश्रम हर्षल मोरे नाम का व्यक्ति चलता था। लोगों को लगता कि हर्षल गरीब बच्चों को सहारा देकर समाज के लिए अच्छा काम कर रहा है, लेकिन हर्षल ही बच्चों के साथ खिलवाड़ करने लगा। बच्चियों को सहारे देने के आड़ में हर्षल उनके इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ कर रहा था।

बच्चों को आश्रम छोड़ जाते थे गरीब

द किंग फाऊंडेशन के तहत संचालित इस आश्रम का नाम ज्ञानदीप गुरुकुल आधारश्रम है। इसकी शुरुआत हर्षल ने साल 2018 में की। इस आश्रम में दरअसल वह बच्चे रहते थे, जो पढ़ने के लिए दूर दराज़ इलाके से शहर में आते थे, लेकिन उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं होती तो इस आश्रम में बच्चे रहते और उनका खाना पीना भी यहीं होता। शुरुआत में हर्षल खुद बच्चों के मां बाप से सम्पर्क करता। अनपढ़, आदिवासी, गरीब मां बाप हर्षल की बातो में आ जाते। धीरे धीरे ऐसा वक्त आया कि मां बाप खुद अपने बच्चे को रहने के लिए हर्षल के पास छोड़ जाते। ऐसी ही एक मज़दूर दंपति ने अपनी नाबालिक बच्ची को हर्षल के आश्रम में भेजा और इसी बच्ची की वजह से हर्षल की करतूत दुनिया के सामने आ पाई।

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इस तरह हुआ खुलासा

हर्षल इस बच्ची के साथ पिछले कई महीनों से गलत काम कर रहा था। बच्ची ने अपनी आपबीती मां बाप को बताई, जो आश्रम में बच्ची से मिलने पहुंचे। मां बाप ने तुरंत बच्ची को आश्रम से निकालने का फैसला लिया और अपने साथ ले गए। बच्ची के साथ हुई घटना की जानकारी एक स्थानिक सामाजिक कार्यकर्ता तक पहुंची और फिर मामला पुलिस स्टेशन पहुंच गया।

चौंकाने वाली जानकारी

पुलिस ने 23 नवंबर को इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज़ की। मामला इतना संगीन था कि पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और हर्षल को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ी, कुछ ऐसी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि खुद पुलिस के होश उड़ गए। जांच में पुलिस को पता चला ​कि आश्रम में 15 लड़कियां और 14 लड़के रह रहे थे। लड़के और लड़कियों को अलग अलग रखा जाता था। ज्यादातर नाबालिक बच्चे रहते थे।

काउंसलर की मदद से खुला मामला

सभी लड़के लड़कियां हर्षल के नाम से ही डरे सहमे थे। कोई कुछ बोल नहीं रहा था। पुलिस को काउंसलर की मदद लेनी पड़ी। लड़कियों को जब पुलिस पर भरोसा हो गया तो, एक के बाद एक हर्षल के काले कारनामे बयान करने लगे। हर्षल बच्चियों के लिए वह हैवान था, जो वेश बदलकर दुनिया के सामने उनका संरक्षक होने का ढोंग कर रहा था। एक के बाद एक 5 बच्चियां पुलिस के सामने आई, जिनके साथ हर्षल गलत काम कर रहा था। बच्चियों ने पुलिस को बताया कि पिछले कई महीनों से हर्षल उनका यौन शोषण कर रहा है। रोज शाम होते ही लड़कियां परेशान और सहमी रहती कि कहीं उनका नंबर तो नहीं है।

कमरे में बुलाकर मसाज करवाता

हर्षल लड़कियों को अपना हाथ पैर दबवाने उन्हें आश्रम में ही अपने कमरे में बुलाता। उनसे अपनी मसाज करवाता और इस दौरान उनकी आबरू के साथ खिलवाड़ करता। बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने के दौरान हर्षल नशे में भी रहता और उन्हें मोबाइल पर अश्लील वीडियो भी दिखाता।

बच्चियों के बयान ने पुलिस को भी चौंका दिया

कुछ बच्चियों ने पुलिस को यह भी बताया कि हर्षल उनका भी वीडियो बनाता और उन्हें धमकी देता कि यदि उसकी बात नहीं मानी तो आश्रम से निकाल देगा। अपना मुंह बंद करने के लिए भी हर्षल बच्चियों को डराता। बच्चियों द्वारा दिए गए बयान ने पुलिस को भी चौंका दिया। अपनी जांच में पुलिस को पता चला है कि हर्षल कई महीनों से बच्चियों के साथ ऐसा कर रहा था। पुलिस ने हर्षल के खिलाफ एक नहीं बल्कि 5 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें बलात्कार से लेकर पॉक्सो और SC/ST के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। आरोप लगाने वालीं 6 में से 5 लड़कियां नाबालिग हैं।

पुलिस कस्टडी में भेजा

जांच में यह बात भी सामने आई है कि हर्षल के आश्रम के लिए चैरिटी कमिश्नर का रजिस्ट्रेशन था, लेकिन बच्चियों को रखने के लिए कोई प्रशासनिक इजाजत नहीं थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर रैंक के अधिकारी को मामले की जांच का ज़िम्मा सौंपा गया है। हर्षल को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां अदालत ने उसे 3 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा है। पुलिस को इस दौरान इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि और कितनी लड़कियों को हर्षल ने अपना शिकार बनाया है। आश्रम के पुराने छात्राओं से भी सम्पर्क की कोशिश हो रही है।

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