List Of Deputy Prime Minister : लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं, इसके बाद अब लोगों की निगाहें बनने वाली नई सरकार पर है। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि गठबंधन की सरकार को चलाने के लिए इस बार देश को एक उप-प्रधानमंत्री भी मिल सकता है। कहा जा रहा है कि सरकार किसी की भी बनें लेकिन उप-प्रधानमंत्री नीतीश के बनने की संभावना सबसे अधिक है। आइए जानते हैं कि उप-प्रधानमंत्री का पद कितना ताकतवर होता है? आजतक देश में कितने उप-प्रधानमंत्री बने हैं।
उप-प्रधानमंत्री को लेकर संविधान में जिक्र नहीं है और ना ही इसकी कोई बाध्यता है। इसके बावजूद देश में कई बार उप-प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इस पद पर बैठे लोगों किसी तरह की विशेष शक्तियां नहीं मिलती हैं। ज्यादातर उप-प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री या रक्षामंत्री जैसे वरिष्ठ नेता बनते हैं।
क्यों बनाया जाता है उप-प्रधानमंत्री?
कहा जाता है कि उप-प्रधानमंत्री तब बनाए जाते हैं, जब केंद्र में गठबंधन की सरकार होती है। गठबंधन सरकार में मजबूती लाने के लिए उप-प्रधानमंत्री बनाया जाता रहा है। देश में सबसे पहले उप-प्रधानमंत्री साल 15 अगस्त 1947 से लेकर 15 दिसंबर 1950 तक सरदार पटेल को बनाया गया था। जब पटेल जी उपप्रधानमंत्री बने तो वह जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में गृह मंत्री थे।
क्या काम करते हैं उप-प्रधानमंत्री?
प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल का मुखिया होता है। उनकी अनुपस्थिति में उप-प्रधानमंत्री संसद या अन्य जगहों पर सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। जरूरत पड़ने वह कैबिनेट की बैठकों की अध्यक्षता भी कर सकते हैं। इसके साथ ही वह मंत्रिमंडल के उपाध्यक्ष भी होते हैं।
पहले और आखिरी उप-प्रधानमंत्री
देश में सबसे पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार पटेल बने थे और फिर आखिरी उप-प्रधानमंत्री साल 2004 तक लालकृष्ण आडवाणी थे। देखिए देश के उप-प्रधानमंत्रियों की लिस्ट