Thursday, July 9, 2020

Coronavirus: मरने वाले के शरीर में कबतक रहा है कोरोना वायरस?, शव को दफनाए या जलाए

दुनिया में कोरोना ने कहर मचाया हुआ है। रोजाना हजारों की तादाद में इससे लोगों की मौत हो रही है। ऐसे में कुछ लोग यह भी आशंका जता रहे हैं कि कोरोना से मरने वाले लोगों से शवों से भी यह महामारी फैल सकती है। शवों से यह बीमारी दूसरे लोगों में ना फैले इसके लिए चीन और अमेरिका जैसे देश शवों को दफनाने की जगह जला रहे हैं।

नई दिल्ली: दुनिया में कोरोना ने कहर मचाया हुआ है। रोजाना हजारों की तादाद में इससे लोगों की मौत हो रही है। ऐसे में कुछ लोग यह भी आशंका जता रहे हैं कि कोरोना से मरने वाले लोगों से शवों से भी यह महामारी फैल सकती है। शवों से यह बीमारी दूसरे लोगों में ना फैले इसके लिए चीन और अमेरिका जैसे देश शवों को दफनाने की जगह जला रहे हैं।

ऐसे में एक सवाल सभी के सामने उठा रहा है कि क्‍या किसी की मौत के बाद उस शख्स के शरीर में मौजूद कोरोना वायरस मरता है या नहीं। जानकारों ने बताया है कि जबतक मृतक के शरीद में फ्लूड यानी तरल रहता है, तबतक कोरोना वायरस उसके शरीर में जिंदा रह सकता है। ऐसे में इसकी समय सीमा 3 से 4 दिन हो सकती है।

जानकारों ने बताया कि किसी व्यक्ति की मौत के बाद अगर उसे दफना दिया जाए तो उसके शरीर का तरल खत्म होने में करीब 3-4 दिन लग जाते हैं। यानी इन 3-4 दिनों तक वायरस शरीर में रहता है।

क्‍या करना चाहिए?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इबोला के दौरान भी एक एडवाइजरी जारी की थी और कहा था कि मरने वाले संक्रमित व्यक्ति को दफना सकते हैं, लेकिन कुछ बचाव के उपाय करने होंगे। यानी दफनाने की प्रक्रिया के दौरान इसके फैलने का खतरा होता है, जो जलाने की प्रक्रिया में भी हो सकता है। हालांकि, जलाने के बाद राख से कोई इंफेक्शन का खतरा नहीं रहता, जबकि दफनाने के बाद 3-4 दिनों तक शव में कोरोना वायरस जिंदा रहता है, क्योंकि उसमें तरल 3-4 दिन तक रहता है।

क्‍या हवा में फैलता है वायरस?

लोगों को यह भी डर है कि कोरोना वायरस हवा में फैलता है और मरने के बाद वह लोगों के शवों से निकलकर दूसरे आदमी को भी संक्रमित कर सकता हैं। हालांकि इस बारे में डॉक्‍टरों का कहना है कि ये रेस्पिरेटरी सिस्टम के लिक्विड- कफ, लार वगैर से फैलता है। ये वायरस खांसी या छींक से फैलता है, इसलिए शवों के अंतिम संस्कार (Funeral of person who died of corona) से कोई खतरा नहीं है। ये वायरस जलाने पर हवा में नहीं फैलता।

शवों को जला रहा चीन

चीन में कोरोना संक्रमित मरीजों को दफनाने के बजाय जलाने के आदेश दिए जा चुके हैं। वहां तो सख्ती इतनी अधिक है कि अगर परिवार वाले ना भी मानते हैं तो अस्पताल को ही अधिकार है कि वह मृत के शरीर को जला दे। इसके पीछे का कारण यह है कि वहां संक्रमण इतनी तेज फैल रहा था कि दफनाने की प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से मुमकिन नहीं थी।

भारत में जारी हुई ये गाइडलाइन्‍स

भारत में भी कोरोना के मरीजों की मौत के बाद उसके शव को लेकर कुछ गाइडलाइन्‍स जारी की है, जिसमें साफ कहा गया है कि बेशक जलाना अधिक सुरक्षित है, लेकिन दफनाने में भी कोई खतरा नहीं है। गाइडलाइन्स के अनुसार, शव को छूना, गले लगाना, उसे चूमना नहीं है। उसे नहला-धुलाकर नए कपड़े नहीं पहनाने हैं, जैसा कि भारत में होता है। शव को एक सील पैक बैग में ही रखना है। अंतिम संस्कार की जगह बहुत सारे लोग जमा नहीं होने चाहिए। साथ ही गहरे गड्ढे में दफनाना जरूरी है।

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