Tuesday, July 7, 2020

दिल्ली पुलिस ने किए ये बड़े बदलाव, अब चुटकी बजाते होंगे ये सारे काम!

यह कहना भी अतिश्योक्ति न होगा कि दिल्ली पुलिस हाईटेक हो गयी है। केस डायरी रजिस्टरों के पन्नों पर नहीं कंप्युटर की फाइलों में होगी। दस नंबरी बदमाशों का सिजरा रखने वाला मोटा रजिस्टर भी डिजिटल फॉर्म में होगा।

राहुल प्रकाश, नई दिल्ली। दिल्ली के थानों में अब न रोजनामचा होगा, न चिक कटेगी, न फर्द बनेगी और न ही कागजों पर आमद या रवानगी होगी। जी हां, दिल्ली के थानों को पेपरलेस बना दिया गया है यानी दिल्ली पुलिस का डिजिटाइजेशन कर दिया गया है। मोटे-मोटे रजिस्टरों की जगह थानों में डेस्क टॉप और लैपटाप होंगे। अब दिल्ली पुलिस का कोई भी काम मैनुअल यानी कलम से कागज पर नहीं होगा। क्राइम एनालिसिस, लॉ एंड ऑर्डर और फ्यूचर प्लानिंग जैसे दिल्ली पुलिस के बड़े-बड़े काम चुटकियों में होते नजर आयेंगे।

यह कहना भी अतिश्योक्ति न होगा कि दिल्ली पुलिस हाईटेक हो गयी है। केस डायरी रजिस्टरों के पन्नों पर नहीं कंप्युटर की फाइलों में होगी। दस नंबरी बदमाशों का सिजरा रखने वाला मोटा रजिस्टर भी डिजिटल फॉर्म में होगा। ध्यान रहे पहले किसी भी थाने में किसी भी काम के लिए रजिस्टर में एंट्री होती थी। चाहे जो किसी शिकायत की डीडी एंट्री हो, या फिर किसी अधिकारी द्वारा जिम्मेदारी के वहन से संबंधित आदेश की एंट्री हो। थाने से कॉल पर जाने और थाने में आने की आमद से जुड़ी जानकारी रजिस्टर में पंजीकृत की जाती थी। दर्ज मामले की जांच से लेकर अन्य दूसरी कानूनी प्रक्रिया की व्वस्था की जिम्मेदारी भी रजिस्टर में दर्ज होती थी, लेकिन अब थानों में रजिस्टर में होने वाली तकरीबन सभी तरह की एंट्री व्यवस्था की जगह कम्पयूटर एंट्री ने लेली है। अब किसी भी मामले से संबंधित अलग-अलग रजिस्टरों में मैन्युअल रूप से प्रविष्टि बंद हो गयी है।

नई व्यवस्था एक जून से लागू हो चुकी है, जिसके तहत जिस अधिकारी को रजिस्टर में केस की एंट्री करनी थी, उसे वह कंप्यूटर पर क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के जरिये एंट्री करेगा। स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे। सीसीटीएनएस एक व्यापक और एकीकृत प्रणाली है जो सभी राज्यों की पुलिस को आपस में जोड़ती है, जिससे पुलिसिंग में मदद मिलेगी। थानों में क्राइम और घटनाओं के रिकॉर्ड का रखरखाव थका देने वाला काम था। रिकॉर्ड से आंकड़ों के विश्लेषण में बहुत समय लगता था। डिजिटल प्रारूप में इन अभिलेखों के रखरखाव से न केवल इसके रखरखाव में मदद मिलेगी बल्कि एनालाइज करने में भी मदद मिलेगी।

दिल्ली पुलिस के अनुसार कोविड-19 के बीच इसको लागू करने का अच्छा है। इस प्रोसेस में बिना किसी कतार में लगने की बजाए एक ही समय में इसको एक साथ उपयोग कर सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने इसकी शुरुवात कर दी है अब कम मैनपॉवर के सा काम को आसान और जल्दी किया जा सकेगा।

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