मई में और खतरनाक हुआ कोरोना! एक दिन में 3900 केस के साथ दुनियाभर में 5वें स्थान पर पहुंचा भारत

नई दिल्ली:

तमाम एहतियात के बावजूद भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) यानी कोविड 19 (Covid 19) के संक्रमण का मामला बढ़ता ही जा रहा है। देश में कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए देश में 24 मार्च से जारी लॉकडाउन (Lockdown) का आज 42वां दिन है। बावजूद देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार में लगातार इजाफा हो रहा है।देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 46 हजार से ज्यादा हो गई है। वहीं मृतकों की तादाद 1500 से ज्यादा हो गई है। भारत में पिछले 24 घंटों में 3900 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं, ज​बकि 195 लोगों की मौत हुई है। नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 46,433 हो गई है जबकि 1,568 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। आपको बता दें कि इससे पहले एक दिन में मरने वालों की अधिकतम संख्या 83 थी। यही नहीं ​एक दिन में सबसे अधिक मामलों में अब भारत दुनिया में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

मई महीने के आंकड़े पर गौर करें तो ये डरावनी लग रही है। मई महीने में कोरोना वायरस के केस तेजी से बढ़े हैं। देश में अबतक कोरोना संक्रमितों की संख्या 46 हजार पार हो चुकी है, लेकिन इसमें से 10 हजार से ज्यादा केस सिर्फ पिछले 4 दिनों में सामने आए हैं। सोमवार यानी 4 मई को देश में कोरोना के केसों ने नया रिकॉर्ड बना दिया। 24 घंटे में ही 2900 केस बढ़ गए। एक दिन में यह अबतक की सबसे बड़ी बढ़त थी जो डरानेवाली है। यह बढ़त दिल्ली, गुजात, पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा और जम्मू कश्मीर में पाए गए केसों की वजह से हुई।

बीते 4 दिनों में देश में कोरोना के 10 हजार 462 केस सामने आए हैं। यह अभी तक के कुल एक्टिव केसों का 34 फीसदी है। सोमवार को देश में कोरोना की वजह से 99 लोगों की जान चली गई। शनिवार को भी इतने ही संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ा था। भारत में कोरोना संक्रमित मृतकों का कुल आंकड़ा 1490 हो गया है। वहीं 12 हजार 763 मरीज ऐसे हैं, जो ठीक हो गए हैं।

तारीख                                  केस

4 मई 2020                              2900

3 मई 2020                              2,717

2 मई 2020                              2,567

1 मई 2020                              2,396

कुल केस                                  10,580

भारत में रोजोना कोरोना संक्रमितों का ग्रोथ रेट परेशानी बढ़ाने वाली है। दूसरे देश से यहां की तुलना की जाती है तो यह आंकड़े चिंता बढ़ाने वाली है। पिछले 2 मार्च को भारत में हर दिन ग्रोथ रेट 19.9 प्रतिशत था। उस वक्त अमेरिका, रूस, ब्राजील और ब्रिटेन जैसे देशों में डेली ग्रोथ रेट भारत से कहीं ज्यादा थे। लेकिन दो महीने बाद ही भारत में कोरोना संक्रमण के केस में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 3 मई को यह 6.1 फीसदी पर पहुंच गया। इटली की तुलना में 3 मई को भारत में डेली ग्रोथ रेट करीब 6 गुना था। इटली में इस दौरान डेली ग्रोथ रेट 1.0% है। इसी तरह अमेरिका में 2.7% और ब्रिटेन में 3.0% डेली ग्रोथ रेट है। दुनिया में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक इटली की बात करें तो 4 मई को इटली में 1221 नए केस सामने आए जबकि भारत में इस दौरान 3900 नए केस दर्ज किए गए।

  • दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की तादाद 36,46,201 हो गयी है जबकि 2,52,407 लोगों की मौत हो चुकी है। वायरस से संक्रमित 12,00,170 लोग ठीक भी हो चुके हैं।
  • अमेरिका में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 12,12,900 हो गया है जबकि 69,921 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • स्पेन में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2,48,301 हो गयी है जबकि 25,428 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • इटली में कोरोना संक्रमण से 29,079 लोग जबकि ब्रिटेन में 28,734 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 21,501 लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 486 लोगों की मौत हो चुकी है।

फिलहाल भारत में कोरोना वायरस की रफ्तार 6.1 फीसदी है। अगर कोरोना के केसों की रफ्तार बढ़कर 7.1 प्रतिशत हुई तो अगले हफ्ते केस 68 हजार के पार होंगे। 6.1 की रफ्तार से बढ़े तो 64 हजार पार। रफ्तार कम होकर 5.1 हुई तो भी केस 60 हजार के पार होंगे। रफ्तार को अगर 4.1 प्रतिशत पर रोक लिया जाए तो अगले हफ्ते तक केस 56 हजार के करीब रहेंगे।

आपको बता दें कि कोरोना वायरस के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए भारत में केंद्र सरकार ने 24 मार्च को देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। तब पीएम मोदी ने खुद लोगों से घरों में ही रहने की अपील की थी। इसके बाद सरकार ने 15 अप्रैल लॉकाडउन 2.0 लागू किया। वहीं देश में चार मई से लॉकडाउन की तीसरा चरण लागू हुआ, जो 17 मई तक लगू रहेगा। जिसमें केंद्र सरकार ने ग्रीन जोन और ऑरेंज जॉन में तमाम प्रकार के प्रतिबंधों को खत्म करके छूट दे दी। हालांकि पूरे देश में रेल, एयर, मेट्रो सेवा और एक राज्य से दूसरे में आवागमन को कोई छूट नहीं दी गई। स्कूल, कॉलेज और एजुकेशनल इंस्टिट्यूट को भी इस दौरान खोलने की अनुमति नहीं दी गई। लॉकडाउन 3.0 में धार्मिक स्थलों पर पाबंदियों को बरकरार रखा गया।

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