Saturday, July 4, 2020

जब सरकार के वकील ने श्रमिकों की दुर्दशा के मामले में याचिका दायर करने वालों की तुलना गिद्ध से की !

अप्रवासी मजदूरों के मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका कर्ताओं की की आलोचना करते हुए साउथ अफ्रीका के फोटोजर्नलिस्ट केविन कार्टर का ज़िक्र किया। केविन ने अफ्रीकी देश सूडान में 1993 में पड़े अकाल के वक्त भूख से तड़पते एक बच्चे की फोटो खींची थी।

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली: अप्रवासी मजदूरों के मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका कर्ताओं की की आलोचना करते हुए साउथ अफ्रीका के फोटोजर्नलिस्ट केविन कार्टर का ज़िक्र किया। केविन ने अफ्रीकी देश सूडान में 1993 में पड़े अकाल के वक्त भूख से तड़पते एक बच्चे की फोटो खींची थी।

इस फोटो के लिए उसे पुलित्जर प्राइज मिला। पर उस बच्चे को न बचा पाने के गम में केविन डिप्रेशन में चले गए और अवॉर्ड मिले के 3 महीने बाद ही उन्होंने सुसाइड कर लिया था। तुषार मेहता ने कहा कि जब फोटोग्राफर केविन फोटो क्लिक कर रहा था, डरे और असहाय बच्चे के पास एक गिद्ध उसके मरने का इंतज़ार कर रहा था। वह फोटो न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी, उस फोटो के लिए केविन को पुलित्जर पुरस्कार मिला।

जब एक पत्रकारों ने केविन से पूछा था कि उस बच्चे का क्या हुआ? केविन कार्टर ने कहा था- उसे नहीं पता कि उस बच्चे का क्या हुआ? उसे घर जल्दी लौटना था, इसलिए वह चला आया था। एक रिपोर्टर ने जब पूछा कि जब केविन फोटो खींच रहे थे वहां कितने गिद्घ थे? केविन ने जब जवाब में कहा -एक। तब रिपोर्टर ने कहा था – एक नहीं, वहाँ दो गिद्घ थे, एक बच्चे के मरने का इंतज़ार कर रहा था और दूसरे के हाथ में कैमरा था।

यह फोटो साउथ सूडान में भुखमरी से जूझ रही एक बच्ची की थी, जोकि अपने माता पिता की झोंपड़ी की ओर रेंगकर जाने की कोशिश कर रही थी। माता—पिता खाना ढूंढने जंगल गए हुए थे। भूख ने उस बच्ची को बेदम कर रखा था। एक गिद्ध उसकी ताक में बैठा था, जोकि उसके मरने का इंतजार कर रहा था।

केविन ने लिखा कि उन्होंने 20 मिनट तक उस गिद्ध के वहां से उड़ने का इंतजार किया और जब वो नहीं उड़ा तो उन्होंने ये फोटोग्राफ क्लिक किया। वापस आकर केविन कार्टर ने इस फोटो को न्यू यॉर्क टाइम्स को बेच दिया। यह फोटो पहली बार 26 मार्च 1993 को New York Times में प्रकाशित हुआ था।

फोटो का केप्शन था ”Metaphor For Africa’s Despair”। फोटो के प्रकाशित होते ही लाखों लोगों ने केविन कार्टर से इस इथोपियाई बच्ची के बारे में हजारों सवाल किए। कईयों ने उस पर यह आरोप भी लगाए कि उसने उस समय फोटो खींचना ज्यादा उचित समझा, जबकि वह उस रेंगती हुई बच्ची को बचा सकते थे।

केविन को हमेशा उस इथोपियाई बच्ची की याद आती रही। लोगों के सवाल और उलाहने उनको परेशान करते रहे। उनको यह ग्लानी और अपराध बोध सताता रहा कि उन्होंने उस बच्ची को बचाने की पूरी कोशिश नहीं की और न ही यह देख पाए कि वो जिंदा रही या मर गई। अपराध बोध और ग्लानी में वह परेशान हो गए। करीब तीन महीने बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।

केविन कार्टर की कहानी सुनाते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि ‘माई लार्ड, ये जो याचिकाकर्ता हैं, उनसे पूछिये ये कौन हैं? क्या उन्होंने इस त्रासदी के दौरान खुद एक पैसा भी खर्च किया है? आम लोग सड़कों पर प्रवासी मजदूरों के लिए खाने पीने की व्यवस्था कर रहे हैं। इन याचिकाकर्ताओं में से कितने हैं जो अपने AC से बाहर निकले हैं?

इनकी हालत पर गिद्ध और फोटोग्राफर की स्टोरी फीट बैठती है। केवल सरकार की आलोचना करने, इंटरव्यू देने, सोशल मीडिया पर इंटरव्यू देने के अलावा इनका योगदान क्या है?’ श्रमिकों की दुर्दशा के मामले में सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद कई इस मामले में कई सामाजिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों ने अर्जी दायर की है।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी कांग्रेस की तरफ से इस मामले में याचिका दायर की है। इन याचिका कर्ताओं की तरफ से देश के तमाम बड़े वकील कपिल जैसे सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी, इंदिरा जय सिंह, कोलिन गोंजाल्विस, आनन्द ग्रोवर पेश हो रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

पाकिस्तान में भीषण बस-ट्रेन हादसा, 19 सिख तीर्थयात्रियों की मौत

लाहौर। पाकिस्तान में लाहौर के पास शेखपुरा जिले में एक यात्री बस और ट्रेन के बीच शुक्रवार को हुई टक्कर में कम से कम...

MP Board 10th Result 2020: सबसे पहले एक क्लिक पर यहां देखें अपना स्कोर, रिजल्ट देखने का सबसे आसान तरीका

MPBSE MP Board 10th result 2020: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) यानि एमपी बोर्ड द्वारा आयोजित 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों...

NEET 2020 and JEE Mains 2020: नीट और जेईई परीक्षा एक बार फिर हुई स्थगित, अब इस नई तारीख को होगी आयोजित

NEET 2020 and JEE Mains 2020:  देश  भर में फैले कोरोनावायरस के कारण कई बड़ी परीक्षाएं या तो स्थगित कर दी गई है या...

दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके, देखें 2 महीने में कितने बार कांपी धरती

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में शाम 7 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। पिछले दो महीने में यह 14वां झटका है। भूकंप का...