पीएम मोदी के लेह दौरे से बौखलाया चीन

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लेह पहुंचे, जहां उन्होंने सेना, वायु सेना और आईटीबीपी के कर्मियों के साथ बातचीत की। पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक आमना-सामना के कुछ दिनों बाद पीएम मोदी की यात्रा चीन के लिए भी चौंकाने वाली है। हालांकि चीन ने इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों देश सैन्‍य और राजनयिक माध्यमों से तनाव को कम करने पर बातचीत कर रहे है।

‘किसी भी पार्टी को कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहिए’
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा, “भारत और चीन सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से तनाव को कम करने पर बातचीत कर रहे हैं। किसी भी पक्ष को ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे इस मौके पर माहौल और ज्‍यादा खराब हो जाए।” 29 जून को भारत द्वारा प्रतिबंधित 59 चीनी ऐप पर बोलते हुए लिजियन ने कहा कि भारत में कुछ राजनेता ने यह मुद्दा उठाया है, हम चीनी व्यवसायों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। चीनी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि नई दिल्ली को अब बीजिंग के बारे में “गलतफहमियां” नहीं होनी चाहिए।

बता दें कि पीएम मोदी, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ एमएम नरवाना के साथ सुबह 9.30 बजे लेह पहुंचे। उन्होंने निमू में सेना, वायु सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के कर्मियों के साथ बातचीत की। पीएम मोदी ने जवानों को यह भी संदेश दिया कि चीन के साथ जारी टकराव लंबा खिंच सकता है और उन्‍हें लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। प्रधानमंत्री ने चीन को यह भी जता दिया है कि वह ड्रैगन के साथ बातचीत को तैयार हैं लेकिन किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री को सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी जानकारी दी। 11,000 फीट पर स्थित निमू सबसे कठिन इलाकों में से एक है, जो सिंधु नदी के तट पर और ज़ांस्कर रेंज से घिरा हुआ है।

इस बीच यहां से लौटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में कोर मंत्री ग्रुप की एक बैठक को बुलाया है। जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य पीएमओ अधिकारी बैठक में भाग लेंगे।