Wednesday, July 8, 2020

प्रवासी मजदूर फिलहाल नहीं लौट सकेंगे अपने गांव, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया ये निर्देश

कोरोना वायरस (Coronavirus) यानी कोविड 19 (Covid 19) संकट के कारण देशभर में 24 मार्च से लॉकडाउन (Lockdown) जारी है। लॉकडाउन की वजह से देश में आवाजाही पर रोक है। लोग जहां-तहां फंसे हुए हैं। लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मज़दूरों (Migrant Workers) को उनके पैतृक स्थान सुरक्षित वापस पहुंचाने की मांग वाली याचिका के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने याचिका का निपटारा कर किया है।

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) यानी कोविड 19 (Covid 19) संकट के कारण देशभर में 24 मार्च से लॉकडाउन (Lockdown) जारी है। लॉकडाउन की वजह से देश में आवाजाही पर रोक है। लोग जहां-तहां फंसे हुए हैं। लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मज़दूरों (Migrant Workers) को उनके पैतृक स्थान सुरक्षित वापस पहुंचाने की मांग वाली याचिका के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने याचिका का निपटारा कर किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार (Central Government) को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता की याचिका मे उठाई गई मांगों पर विचार करे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में दायर स्टेटस रिपोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दावा किया था कि पलायन पूरी तरह से बंद है जबकि कुछ राज्य सरकारें लॉकडाउन में फंसे अपने लोगों को उनके राज्य वापस ले जाने की बात कर रही हैं।

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस में साफतौर पर पलायन रोकने की बात कही गयी है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से अभी पलायन को लेकर याचिकाकर्ता की चिंता और मौजूदा स्थिति का संज्ञान लेने को कहा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश कुछ राज्य सरकारें लॉकडाउन में फंसे अपने लोगों के अलग अलग जगहों से उनके पैतृक स्थान ले जा रही हैं। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य केंद्र सरकार से इसके लिए जोर डाल रहे हैं।

इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में बताया है कि लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को उनके पैतृक स्थान भेजने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ने कहा है कि इस तरह का पलायन अभी तक संक्रमण से काफी हद तक बचे ग्रामीण इलाकों में संक्रमण फैलने का खतरा पैदा करेगा। सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारें, गैर सरकारी संगठनों ( NGO) के साथ मिलकर प्रवासी मजदूरों की दैनिक ज़रूरतों और गांवों में उनके घरवालो की सुविधा के लिए इंतज़ाम कर रही है।

आपको बता दें कि इससे पहले भी केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में कह चुका है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इन प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक भेजना मूमकिन नहीं है। क्योंकि इससे ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा और बढ़ सकता है।

केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिये गए आंकड़ों के मुताबिक 37978 रिलीफ कैम्प बनाये गए है,जिनमे 14.3 लाख लोग रह रहे है। इसके अलावा अलग से 26225 फूड कैम्प बनाये गए है, जो 1.34 करोड़ लोगों को खाना मुहैया करा रहे हैं।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

चौबपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी और बीट प्रभारी केके शर्मा गिरफ्तार

मानस श्रीवास्‍तव, लखनऊ: आठ पुलिसवालों की हत्‍या करने के बाद विकास दुबे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। लेकिन उसको दबोचने के...

Covid-19 को रोकने के लिए सीएम योगी का सख्त कदम, मास्क नहीं पहना तो लगेगा इतने रुपये का जुर्माना

नई दिल्लीः कोरोना वायरस (CoronaVirus) का कहर पूरे भारत (India) में देखने को मिल रहा है, मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही...

RBSE 12th Science result 2020 Live updates: rajresults.nic.in पर जारी हुआ रिजल्ट, जानें कितने प्रतिशत छात्र हुए पास

RBSE 12th Science result 2020: राजस्थान बोर्ड के 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक खुशखबर सामने आई है। दरअसल राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने...

इस बार आईपीएल का आयोजन होगा या नहीं, गांगुली ने कही ये बड़ी बात

नई दिल्लीः भारत में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, लगातार बढ़ते मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। कोरोना के...