बंगाल: पशु तस्करी केस में CBI की बड़ी कार्रवाई, TMC नेता अनुब्रत मंडल को किया गिरफ्तार

केंद्रीय जांच एजेंसी ने मंडल को गिरफ्तार करने से पहले उसे 10 बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए मंडल पेश नहीं हुआ।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के पशु तस्करी केस मामले में सीबीआई ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने इस मामले में बीरभूम टीएमसी के जिला प्रमुख अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, टीएमसी नेता का मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी की एक टीम मंडल के बीरभूम के बोलपुर स्थित अनुब्रत मंडल के आवास पर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि मंडल को आज आसनसोल अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।

सीबीआई गुरुवार की सुबह बीरभूम जिले में उनके बोलपुर स्थित मंडल के घर पहुंची। बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 30 गाड़ियों का काफिला था। सीबीआई की टीम ने मंडल से उसके आवास पर करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक पहले पूछताछ की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे सामने आया था अनुब्रत मंडल का नाम

सीबीआई ने 21 सितंबर, 2020 को भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध मवेशी तस्करी के सिलसिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक पूर्व कमांडर को गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच के दौरान अनुब्रत मंडल का नाम जांच के दायरे में आया था। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 5 अगस्त को एक मवेशी तस्करी मामले में पूछताछ के लिए मंडल को नोटिस भेजा था। मंडल को सोमवार को कोलकाता के निजाम पैलेस स्थित सीबीआई कार्यालय में पेश होने को कहा गया था।

खराब सेहत का हवाला देकर पूछताछ के लिए नहीं हो रहा था पेश

केंद्रीय जांच एजेंसी ने मंडल को गिरफ्तार करने से पहले उसे 10 बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए मंडल पेश नहीं हुआ। पशु तस्करी मामले की जांच के तहत केंद्रीय एजेंसी इससे पहले उनसे दो बार पूछताछ कर चुकी है। बताया जा रहा है कि मंडल की गिरफ्तारी तब की गई जब कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल ने कहा कि उसे एडमिट करने की जरूरत नहीं है।

उधर, तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा ने कहा कि मुझे पता चला है कि अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। संवेदनशील मामला है। केवल (पार्टी) प्रवक्ता ही इस मामले पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत हैं। सीएम ने कहा है कि भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं किया जाएगा। इसके बाद भ्रस्टाचार का आरोप झेल रहे पार्थ चटर्जी को पार्टी मंत्रिपद से हटा दिया गया है जो ममता बनर्जी की कमिटमेंट को साबित करता है।

बता दें कि 2020 में सीबीआई की ओर से मामला दर्ज करने के बाद मवेशी तस्करी घोटाला मामले में मंडल का नाम सामने आया। सीबीआई के अनुसार, 2015 और 2017 के बीच सीमा सुरक्षा बल द्वारा 20,000 से अधिक मवेशियों के सिर जब्त किए गए थे। पशु तस्करी मामले में सीबीआई ने हाल ही में जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने मंडल के अंगरक्षक सहगल हुसैन को भी गिरफ्तार किया है।

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