Tuesday, June 2, 2020

कोरोना की दवा बनाने के करीब हैं ये कंपनियां!

दुनिया के कुछ अन्य देशों में भी कोरोना वायरस वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं, जो मानव परीक्षण की स्टेज तक पहुंच चुके हैं। मॉडर्ना कंपनी का MRNA.O, फ़ाइज़र कंपनी का PFE.N, बायोएन.टेक कंपनी का 22UAy.F और चीन की कानसिंनो बायोलॉजिक्स कंपनी का 6185.HK टीका इसमें शामिल हैं।

नई दिल्‍ली: देश में पिछले 52 दिनों से सिर्फ कोरोना की चर्चा है। इस महामारी ने जान के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लोगों को काफी नुकसान पहुंचाया है। कोरोना के कहर को देखते हुए देश में आज से लॉकडाउन-4 लागू किया है। हालांकि अभी भी कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद में लगातार इजाफा ही देखने को मिल रहा है। कोरोना जबतक दुनिया में कहर मचाएगा तबतक कोई कारगर वैक्‍सीन नहीं मिल जाती।

दुनिया के कुछ अन्य देशों में भी कोरोना वायरस वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं, जो मानव परीक्षण की स्टेज तक पहुंच चुके हैं। मॉडर्ना कंपनी का MRNA.O, फ़ाइज़र कंपनी का PFE.N, बायोएन.टेक कंपनी का 22UAy.F और चीन की कानसिंनो बायोलॉजिक्स कंपनी का 6185.HK टीका इसमें शामिल हैं। वैश्विक रूप से कोरोना वायरस से लड़ने के लिए 100 से अधिक टीकों पर काम चल रहा है।

ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में कोरोना ड्रग ट्रायल दो मोर्चों पर एकसाथ चल रहा है। आप भी इस ख़बर को ज़रूर समझिये, क्योंकि कोरोना महामारी से हम तभी बचेंगे, जब इसकी वैक्सीन बनेगी और वैक्सीन के लिए ड्रग ट्रायल बेहद ज़रूरी है।

कोरोना पर ब्रिटेन का सबसे बड़ा ड्रग ट्रायल

  • ब्रिटेन में कोरोना की 2 वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है
  • एक ट्रायल ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन पर है
  • दूसरा ट्रायल इंपीरियल कॉलेज की देखरेख में हो रहा है
  • जून तक वैक्सीन के ड्रग ट्रायल के नतीजे आ सकते हैं
  • ब्रिटेन ने कोरोना पर 21 नए रिसर्च प्रॉजेक्ट शुरू किए हैं
  • ब्रिटेन की सरकार ने 1.4 करोड़ पाउंड की राशि दी है
  • ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी 10 लाख वैक्सीन की डोज़ तैयार करेगी

ब्रिटिश यूनिवर्सिटी का दावा है कि कोरोना वैक्सीन को लेकर CHADOX-वन तकनीक के साथ 12 परीक्षण किए जा चुके हैं। इसके एक डोज़ से ही रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने के परिणाम मिले हैं। वहीं आरएनए और डीएनए तकनीक में इसके दो या दो से ज़्यादा जोड़ की ज़रूरत होती है। इसे लेकर ब्रिटेन ने क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिए हैं। इसकी कामयाबी पर विश्वास जताते हुए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि सितंबर तक 10 लाख डोज़ उपलब्ध हो जाएंगे यानी ये इतनी मात्रा में होंगे कि ब्रिटेन के अलावा बाक़ी देशों को भी कोरोना का टीका दे सकेंगे।

सितंबर तक 1 करोड़ वैक्सीन
दुनिया के अलग-अलग देशों में कुल सात निर्माताओं के साथ ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा निर्धारित पैमानों के हिसाब से कोरोना वैक्सीन का उत्पादन किया जा रहा है।

7 देशों में ब्रिटेन वाली कोरोना वैक्सीन!

  • कोरोना वैक्सीन के 7 निर्माताओं में 3 ब्रिटेन में हैं
  • 2 उत्पादन यूनिट यूरोप में हैं और एक चीन में है
  • कोरोना वैक्सीन की एक उत्पादन यूनिट भारत में है
  • सितंबर 2020 तक 7 यूनिट 1 करोड़ डोज़ तैयार करेंगी
  • ब्रिटेन में क्लीनिकल के बाद वॉलंटियर्स ट्रायल जारी है

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कोरोना का वॉलंटियर्स ड्रग ट्रायल सबसे सुरक्षित तरीके से करने का फ़ैसला किया है। इसलिए स्वस्थ युवाओं पर वैक्सीन का परीक्षण हो रहा है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर युवाओं पर ड्रग ट्रायल सफल रहा, तो इसे बाकी उम्र के लोगों पर आज़माया जाएगा। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के मुताबिक अलग-अलग उम्र के लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल करने से दवा की क्षमता का पता चलता है। एक बार क्षमता पता चल जाए, तो उसे सबसे कमज़ोर मरीज़ के हिसाब से बढ़ाया जा सकता है। ब्रिटेन के मुताबिक दो महीने में पता चल जाएगा कि कोरोना की ट्रायल वैक्सीन कितनी असरदार है।

ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन सबसे असरदार होगी!

  • ऑक्सफफर्ड के मुताबिक उनकी वैक्सीन पहले ही डोज़ में असरदार होगी
  • वैक्सीरन को बनाने के लिए सबसे सटीक तकनीक का प्रयोग हुआ है
  • ऑक्सफोर्ड की वैक्सीबन दमदार रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करती है
  • वैक्सीन वाली टीम संभावित संक्रामक बीमारी पर काम कर रही थी
  • ये टीम लास्साट बुखार और मर्स पर रिसर्च कर रही थी
  • ये दोनों ही बीमारी कारोना फैमिली के वायरस से होती हैं
  • इसी वजह से कोविड-19 की वैक्सीहन में काफ़ी मदद मिली
  • वैक्सीन को तैयार करने का प्रोटोकॉल 12 से 18 महीने का होता है
  • ब्रिटेन ने वैक्सीन को लेकर एक टास्क फोर्स तैयार की है
  • 7 देशों में 70 से ज़्यादा कंपनियां वैक्सीन पर काम कर रही हैं
  • कई देशों की रिसर्च टीमें कोरोना वैक्सीयन की पड़ताल में जुटी हैं

ब्रिटेन की तरह इज़रायल ने भी कोरोना की वैक्सीन को लेकर युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है।

90 दिन में इज़रायल की वैक्सीन!
इज़रायल ने तय किया है कि वो जून से कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल इंसानों पर शुरू कर देगा। उसने दावा किया है कि उनके वैज्ञानिक अगले 90 दिनों में कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन पूरी तरह तैयार कर लेंगे। दो इज़रायली कंपनियों ने कोविड-19 की रोकथाम के लिए प्रभावी वैक्सीन खोजने का दावा किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जून तक मनुष्यों पर परीक्षण सफल रहा तो कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही दुनिया को बड़ा तोहफ़ा इज़रायल की ओर से भी मिल सकेगा यानी कोरोना से बेहाल दुनिया अब मिलकर कोरोना को ख़त्म करने की राह पर बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। आप हौसला रखिए, क्योंकि इंसानों पर ड्रग ट्रायल और वैक्सीन के उत्पादन के साथ ही कोरोना के ख़ात्मे की उम्मीदें बुलंदी पर हैं।

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