Tuesday, June 2, 2020

Coronavirus: कुत्ते करेंगे कोरोना को जड़ से खत्म!

दुनिया में कोरोना वायरस ने कोहराम मचाया हुआ है। सभी देशों के वैज्ञानिक अभी इसका इलाज ढूंढने में नाकाम रहे हैं। सबसे ज्‍यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस वायरस की चपेट में आने के 14 दिन के अंदर कभी भी व्‍यक्ति में इसके लक्षण देखे जाते हैं, ऐसे में सबसे ज्‍यादा चुनौती इसके रोगियों की पहचान करना है।

नई दिल्‍ली: दुनिया में कोरोना वायरस ने कोहराम मचाया हुआ है। सभी देशों के वैज्ञानिक अभी इसका इलाज ढूंढने में नाकाम रहे हैं। सबसे ज्‍यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस वायरस की चपेट में आने के 14 दिन के अंदर कभी भी व्‍यक्ति में इसके लक्षण देखे जाते हैं, ऐसे में सबसे ज्‍यादा चुनौती इसके रोगियों की पहचान करना है।

हालांकि कोरोना से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने एक नई तरकीब सुझाई है। इस महामारी को जड़ से खत्म करने के लिए अब कुत्तों की मदद लेने का निर्णय किया गया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि कुत्तों के सूंघने की शक्ति इतनी ज्यादा तेज होती है कि वे किसी भी बीमारी का सूंघकर पता लगा सकते हैं।

लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (LSHTM) ने ब्रिटेन की एक अंग्रेजी वेबसाइट के माध्यम से बताया कि कुत्ते मलेरिया जैसे रोग को आसानी से सूंघकर पहचान सकते हैं। इसलिए कोरोना वायरस से निपटने के लिए इनकी मदद ली जाएगी। इसकी काफी संभावना है कि कुत्ते कोरोना वायरस को सूंघकर इसकी जानकारी दे पाएंगे। इसे लेकर जल्द ही छह हफ्तों का एक ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किया जा रहा है।

कुत्ते कोरोना वायरस का पता लगा पाएंगे या नहीं इसकी जांच लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन ने ब्रिटेन की एक संस्था मेडिकल डिटेक्शन ने डॉग्स के साथ मिलकर की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हर बीमारी की अपनी अलग गंध होती है। कुत्तों पर हुए ऐसे कई प्रयोग पहले सफल हो चुके हैं। कुत्ते इंसानी त्वचा के तापमान में तनिक से बदलाव का भी पता लगा सकते हैं।

मेडिकल डिटेक्शन डॉग्स के चीफ एग्जिक्यूटिव और फाउंडर क्लैर गेस्ट दावे से कहते हैं कि कुत्ते कोविड-19 को सूंघकर पहचानने में जरा भी नहीं चूकेंगे। ऐसे कुत्तों में लेब्राडोर नस्ल काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने बताया कि अब इसे लेकर तैयारियां की जा रही है कि आखिर कैसे सावधानी बरतते हुए कुत्तों को कोरोना वायरस की गंध की पहचान कराई जाए।

ट्रेनिंग के बाद डिटेक्शन कुत्तों की तैनाती एयरपोर्ट पर की जा सकती है ताकि ऐसे लोगों की पहचान की जा सके जो इस जानलेवा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इस प्रयोग से वैज्ञानिकों को बड़ी उम्मीद है। अगर यह फॉर्मूला सफल हुआ तो दुनिया से कोरोना वायरस का नामोनिशान मिटाने में इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जाएगा।

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