GLA University Invention: जीएलए विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसरों का आधुनिक पेटेंट पब्लिश, जानें पूरी डिटेल

GLA University Invention: जीएलए विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसरों का आधुनिक पेटेंट पब्लिश, जानें पूरी डिटेल

Sports News24
Nirmal Kumar PareekNews249th June 2021, 11:52 am
gla prof

GLA University Invention News: जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसरों ने ‘‘लाइट वेट ग्रूव बेस्ड क्यूब मोल्ड‘‘ पर रिसर्च कर एक प्रोटोटाइप तैयार किया है। इस प्रोटोटाइप का पेटेंट भी पब्लिश करवाया है। यह क्यूब मोल्ड प्रोटोटाइप कंक्रीट की क्यूब टेस्टिंग को आसान बनाता है।

गौरतलब है कि कंक्रीट की सम्पीडक क्षमता को जांचने के लिए वर्तमान में जिन क्यूब मोल्डस का इस्तेमाल किया जाता है, उनको खोलना और जोड़ना एक बहुत ही थका देने वाला काम होता है। खासकर इंजीनियरिंग संस्थानों में जहां विद्यार्थियों को कंक्रीट की टेस्टिंग करना सिखाया जाता है। वहां इन क्यूबस को खोलने और जोड़ने में काफी समय बर्बाद हो जाता है। साथ ही क्यूबस को कंक्रीट से छुडाने के लिए तेल अथवा ग्रीस का भी प्रयोग करना पड़ता है।

‘‘लाइट वेट गू्रव बेस्ड क्यूब मोल्ड‘‘ प्रोटोटाइप कई मायने में वर्तमान में इस्तेमाल किये जाने वाले मोल्ड्स से बेहतर साबित होगा। इसको बनाने में रीसाइकल्ड प्लास्टिक, पीवीसी तथा सिलिकाॅन कोटिंग का इस्तेमाल किया जायेगा। जिसकी वजह से इस मोल्ड का वजन काफी हल्का होगा। सिलिकाॅन की कोटिंग मोल्ड के अंदर के हिस्से में की जाएगी, जो कि मोल्ड भरने से पहले अंदर की सतह को चिकना करने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले तेल की जरूरत को खत्म कर देगी।

‘लाइट वेट ग्रूव बेस्ड मोल्ड‘ में कुल 4 फेस प्लेट 1 बेस प्लेट तथा 8 नाॅबस यानि नट बोल्ट होंगे। बेस प्लेट के ऊपर ग्रूव्स बने होंगे, जिनमें फेस प्लेट्स को फंसाया जायेगा। नाॅबस की मदद से फेस प्लेट्स ग्रूव्स में अच्छी तरह से पकड़ बना सकेंगी। इस क्यूब मोल्ड को जोड़ने के लिए सिर्फ फेस प्लेट्स ग्रूव्स में फंसाकर नाॅबस को कसना होगा। इसी तरह इसको खोलने के लिए नाॅबस को ढीला करके फेस प्लेट को बाहर निकलना होगा।

प्रोटोटाइप को तैयार करने में अह्म भूमिका निभाते हुए सिविल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अंकुर गुप्ता और मयंक निगम ने बताया कि इस मोल्ड को रखने के लिए बहुत ही कम जगह की आवश्यकता होती है। यह क्यूब मोल्ड निश्चित ही कंक्रीट की सम्पीडक क्षमता को मापने के लिए वर्तमान मोल्ड्स को खोलने और जोड़ने में लगने वाली ऊर्जा तथा समय को बचाएगा। साथ ही यह मोल्ड अपने आसानी के खुल जाने और जुड़ जाने की वजह से विद्यार्थियों में लैब के दौरान कंक्रीट की टेस्टिंग में रूचि को भी बढ़ाएगा।

डीन रिसर्च प्रो. अनिरूद्ध प्रधान, विभागाध्यक्ष प्रो. सुधीर गोयल और एसोसिएट डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने कहा कि एक से बढ़कर रिसर्च के प्रति शिक्षक और छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। इसके अलावा पेटेंट पब्लिश और ग्रांट भी हो रहे हैं।

 

 



देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सबसे पहले न्यूज़ 24 पर फॉलो करें न्यूज़ 24 को और डाउनलोड करे - न्यूज़ 24 की एंड्राइड एप्लिकेशन. फॉलो करें न्यूज़ 24 को फेसबुक , टेलीग्राम , गूगल न्यूज़ .