Gandhi Jayanti speech 2021: कल पूरी दुनिया में मनाई जाएगी गांधी जयंती, इस अवसर पर दे सकते हैं ये आसान भाषण

Gandhi Jayanti speech 2021: कल पूरी दुनिया में मनाई जाएगी गांधी जयंती, इस अवसर पर दे सकते हैं ये आसान भाषण

Sports News24
Nirmal Kumar PareekNews241st October 2021, 8:57 am
gandhi

Gandhi Jayanti speech 2021: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती हर साल 02 अक्टूबर को मनाई जाती है। इस साल महात्मा गांधी की 152वीं जयंती मनाई जाएगी। मोहनदास करम चंद गांधी, जिन्हें पूरा विश्व महात्मा गांधी कहता हैं, उनको लोग प्यार से बापू भी कहकर पुकारते थे। अंग्रेजों से आजादी दिलाने में महात्मा गांधी का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने अहिंसा के रास्ते पर चलकर अंग्रेजों को देश से बाहर खदेड़ दिया था।

2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस दिन भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। 2 अक्टूबर को हर साल अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी मनाया जाता है। सत्य और अहिंसा को लेकर बापू के विचार हमेशा से न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया का मार्गदर्शन करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। गांधी जयंती के दिन स्कूल, कॉलेजों में वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन होता है। आज हम आपको गांधी जयंती पर आसान भाषण बता रहे हैं –

आदरणीय अध्यापकगण और मेरे साथियों,
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम यहां महात्मा गांधी की 151वीं जयंती मनाने के लिए आए हैं। महात्मा गांधी एक नाम नहीं बल्कि एक विचार धारा है। मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें महात्मा गांधी के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के छोटे से शहर पोरबंदर में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए लंदन चले गए। महात्मा गांधी ने इंग्लैंड से अपनी कानून की डिग्री पूरी की और 1891 में भारत लौट आए, जिसके बाद महात्मा गांधी एक मुकदमे के सिलसिले में 1893 में दक्षिण अफ्रीका चले गए। जहां 21 साल तक रहने के बाद 1915 में भारत लौट आए।

भारत वापस आने के बाद बापू ने देश को अंग्रेजों के चंगुल से आजाद करवाने के लिए आंदोलन छेड़ दिया। उन्होंने अपने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत के दम पर अंग्रेजों को कई बार घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उनके अहिंसा के सिद्धांत को पूरी दुनिया ने सलाम किया, यही वजह है कि पूरा विश्व आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर भी मनाता है। महात्मा गांधी के विचार हमेशा से न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे विश्व का मार्गदर्शन करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।

महात्मा गांधी की महानता, उनके कार्यों व विचारों के कारण ही 2 अक्टूबर को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तरह राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिया गया है। गांधी जी इस बात में विश्वास रखते थे कि हिंसा के रास्ते पर चलकर आप कभी भी अपने अधिकार नहीं पा सकते। उन्होंने विरोध करने के लिए सत्याग्रह का रास्ता अपनाया।

महात्मा गांधी ने लंदन में कानून की पढ़ाई की थी। लंदन से बैरिस्टर की डिग्री हासिल कर उन्होंने बड़ा अफसर या वकील बनना उचित नहीं समझा, बल्कि अपना पूरा जीवन देश के नाम समर्पित कर दिया। अपने जीवन में उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ कई आंदोलन किए। वह हमेशा लोगों को अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ते रहे।

चंपारण सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, दांडी सत्याग्रह, दलित आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन उनके कुछ प्रमुख आंदोलन ने जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव कमजोर करने में बड़ा रोल अदा किया।
गांधीजी ने भारतीय समाज में व्याप्त छुआछूत जैसी बुराइयों के प्रति लगातार आवाज उठाई। वो चाहते थे कि ऐसा समाज बने जिसमें सभी लोगों को बराबरी का दर्जा हासिल हो क्योंकि सभी को एक ही ईश्वर ने बनाया है। उनमें भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। नारी सशक्तीकरण के लिए भी वह हमेशा प्रयासरत रहे।

साथियों! यह बात सही है कि हम सभी गांधीजी का काफी सम्मान करते हैं। लेकिन उनके सपने तो सभी पूरे होंगे जब हम उनके बताए शांति, अहिंसा, सत्य, समानता, महिलाओं के प्रति सम्मान जैसे आदर्शों पर चलेंगे।
तो आज के दिन हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए।
धन्यवाद।
जय हिन्द!

छात्र रखें विशेष ध्यान –
गांधी जयंती पर छात्र इसका रखें विशेष ध्यान छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे भाषण को एक कागज पर लिखें और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए शीशे के सामने इसका अभ्यास शुरू करें। अपने भाषण को संक्षिप्त रखें और दर्शकों पर प्रभाव डालने के लिए अपनी आवाज थोड़ी बुलंद रखें।

 



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