Constitution Day 2021: 26 नवंबर को क्यों मनाया जाता है ‘संविधान दिवस’, जानें इससे जुड़े इतिहास और महत्त्व के बारें में

Constitution Day 2021: 26 नवंबर को क्यों मनाया जाता है ‘संविधान दिवस’, जानें इससे जुड़े इतिहास और महत्त्व के बारें में

Sports News24
Neharika GuptaNews2426th November 2021, 6:07 am
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Constitution Day 2021: आज, 26 दिसंबर 2021 को संविधान दिवस है। पूरे देश में संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसदिन भारत में औपचारिक रूप से 26 नवंबर 1948 को संविधान को अपनाया गया था लेकिन इसे लागू 26 जनवरी 1949 को किया गया। भारत का संविधान देश के हर नागरिक को आजाद भारत में रहने का समान अधिकार देता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य देश के युवाओं के बीच में संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देना जागरूकता फैलाना है। भारत का संविधान बनाने में डॉ. बी आर अंबेडकर की अहम भूमिका रही है। 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है।

क्यों पड़ी संविधान की जरूरत
दरअसल जब देश से अंग्रेजों का शासनकाल खत्म होने वाला था तब भारत को एक ऐसे कानूनी किताब की जरूरत थी जिससे देश में रहने वाले सभी धर्म के लोगों के बीच एकता, समानता बनी रहे। इस किताब की जरूरत थी ताकि देश एकजुट हो और सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के सभी अधिकार मिले। जिसे देखते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बीच संविधान बनाने की मांग उठने लगी थी। जब देश आजाद होने वाला था तो एक संविधान सभा के गठन की मांग उठने लगी।

इस सभा की पहली बैठक साल 1946 में 9 दिसंबर के दिन हुई। संसद भवन के सेंट्रल हॉल में हुई इस बैठक में 207 सदस्य मौजूद थे। यहां यह बताते चलें कि जब संविधान सभा का गठन हुआ तो उस वक्त इस सभा में 389 सदस्य थे लेकिन बाद में उनकी संख्या कम होकर 299 हो गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आजादी के बाद जब देश का विभाजन हुआ तो कुछ रियासतें इस सभा का हिस्सा नहीं रही और सदस्यों की संख्या घट गई।

संविधान को बनने में लगे थे इतने दिन
संविधान बनने में 2 वर्ष, 11 माह 18 दिन लगे थे यह 26 नवंबर, 1949 को पूरा हुआ था. 26 जनवरी, 1950 को भारत गणराज्य का यह संविधान लागू हुआ था। संविधान की असली कॉपी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा लिखी गई थी। बेहतरीन कैलीग्राफी के जरिए इटैलिक अक्षरों में लिखी गई है। संविधान की असली प्रतियां हिंदी और इंग्लिश दो भाषाओं में लिखी गई थीं। आज भी भारत की संसद में हीलियम भरे डिब्बों में सुरक्षित तरीके से रखा गया है।

डॉ भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन
बहरहाल 29 अगस्त 1947 में संविधान सभा में बड़ा फैसला हुआ और डॉ भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन हुआ। इसके बाद 26 नवंबर 1949 को यानी आज ही के दिन इसको स्वीकार किया गया और बाद में 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया।

 



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