NEET UG 2021 : सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को दिया निर्देश, दिव्यांग छात्रा को मिलेगी ये सुविधा

NEET UG 2021 : सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को दिया निर्देश, दिव्यांग छात्रा को मिलेगी ये सुविधा

Sports News24
Neharika GuptaNews2424th November 2021, 9:21 am
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NEET UG 2021 : सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए को निर्देश दिया है कि डिस्ग्राफिया से पीड़ित एक दिव्यांग छात्र साथ हुए अन्याय को ठीक करने के लिए एक सप्ताह के भीतर कदम उठाने पर विचार करना चाहिए। इस छात्रा को नीट यूजी 2021 परीक्षा में एक घंटे का एक्ट्रा टाइम नहीं दिया गया था। उसकी उत्तर पुस्तिका जबर्दस्ती छीन लिया गया था। डिस्ग्रेसिया से पीड़ित व्यक्ति को लिखने में दिक्कत होती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत निर्धारित अधिकारों को प्रदान करने से गलत तरीके से इनकार किये जाने से हुए व्यक्तिगत अन्याय को इस आधार पर भुलाया नहीं जा सकता है कि ये एक प्रतियोगी परीक्षा का एक आवश्यक परिणाम है।

हालांकि न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने नीट यूजी परीक्षा पुन: आयोजित करने के संबंध में छात्रा को राहत नहीं दी। जांच में छात्रा को 40 प्रतिशत स्थायी विकलांगता से पीड़ित पाया गया है। पीठ ने कहा याचिककर्ता छात्रा को बिना गलती के नीट परीक्षा में बैठने के दौरान एक घंटे को एक्ट्रा टाइम देने से गलत तरीके से वंचित किया गया। जबकि छात्रा बेंचमार्क डिसैबिलिटी के तौर पर इसकी पात्र थी।

कोर्ट ने कहा कि एनटीए को यह विचार करने का निर्देश दिया जाता है कि एक सप्ताह के भीतर बताए कि अन्याय दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकता है। सके अलावा, यह डीजीएचएस को सूचित करते हुए आवश्यक परिणामी उपाय करेगा। पीठ ने कहा कि अदालत के निर्देश के तहत एनटीए द्वारा उठाये जाने वाले कदमों के बारे में दो सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करके इस न्यायालय की रजिस्ट्री को सूचित किया जाना चाहिए।

फैसला लिखने वाले न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ”यह कानून और संविधान की आज्ञा से बंधे किसी प्राधिकार के लिए कोई जवाब नहीं है कि वह एक छात्र के साथ हुए अन्याय को दूर करने के प्रयास के बजाय निराशा में हाथ खड़े कर दे। एक न्यायाधीश इस बात को नज़रअंदाज नहीं कर सकता कि आंकड़ों के पीछे एक मानवीय चेहरा है, जो एक छात्र और उसके परिवार की आकांक्षाओं, खुशी और आंसुओं को दर्शाता है।”

पीठ ने उल्लेख किया कि छात्रा ने पीडब्ल्यूडी श्रेणी में अर्हता प्राप्त 2684 उम्मीदवारों में से 1721 की अखिल भारतीय रैंक हासिल की है और महाराष्ट्र के संबंध में उसने पीडब्ल्यूडी श्रेणी में 390 उम्मीदवारों में से 249 रैंक हासिल की है।



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