Wednesday, July 8, 2020

सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में किए कई बड़े बदलाव, आप भी उठाएं मौके का फायदा

बेटियों के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana)में केंद्र सरकार ने कई बडे बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सुकन्या खाता खुलवाने वाले लोगों पर असर पड़ना तय है। सरकार के इस बदलाव से अकाउंट होल्डर्स को फायदे होने के दावे किए जा रहे हैं।

नई दिल्ली: बेटियों के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana)में केंद्र सरकार ने कई बडे बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सुकन्या खाता खुलवाने वाले लोगों पर असर पड़ना तय है। सरकार के इस बदलाव से अकाउंट होल्डर्स को फायदे होने के दावे किए जा रहे हैं।

दरअसल इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना खाते में रुपये जमा करने की आखिरी तारीख को भी बढाकर 31 जुलाई 2020 कर दिया गया है। इसका फायदा उन अकाउंट होल्डर्स को होगा। जो टैक्स में बेनीफिट चाहते हैं और अब तक एसएसए खाते में रुपये जमा नहीं करा सके हैं। सुकन्या समृद्धि योजना  में सालाना ब्याज दर 7.6 प्रतिशत है।

इस योजना में 14 साल तक निवेश करने पर बेटी के 21 साल की उम्र में एक मोटी रकम मिलती है। हाल में वित्त मंत्रालय सुकन्या समृद्धि योजना बदलाव किए हैं।

डिफॉल्ट अकाउंट पर मिलेगा ज्यादा ब्याज

इसके तहत अगर एक वित्त वर्ष के दौरान सुकन्या समृद्धि अकाउंट में 250 रुपये ही जमा किया जाता था तो इसे डिफॉल्ट अकाउंट माना जाता था। अब ऐसे डिफॉल्ट अकाउंट में जमा रकम उतना ही ब्याज मिलेगा, जितना इस स्कीम के​ लिये तय किया गया था।. सुकन्या समृद्धि अकाउंट पर वर्तमान में 8.7 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है।

खाते के संचालन के नियम में बदलाव

अब 18 साल की आयु होने के बाद बच्ची खुद अपने अकाउंट का संचालन कर सकती है। पहले यह आयु 10 साल की थी। जब बच्ची 18 साल की हो जाएगी, तो अभिभावक को बच्ची से संबंधित दस्तावेज पोस्ट ऑफिस में जमा कराना होगा।

दो ​बच्चियों का खाता खुलवाने के लिये जरूरी होंगे ये कागजात

अब दो से अधिक बच्चियों का सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की जरूरत पड़ेगी। नए नियम के मुताबिक, अगर दो से अधिक बच्ची का खाता खुलवाना है तो बर्थ सर्टिफिकेट के साथ-साथ एक हलफनामा देना भी जरूरी होगा। इससे पहले, अभिभावक को बच्ची का केवल मेडिकल सर्टिफिकेट देने की जरूरत होती थी।

समय से पहले खाता बंद करने के नियम में बदलाव

नए नियम के तहत अगर बच्ची की मौत होने या सहानुभूति के आधार पर अकाउंट को मैच्योरिटी अवधि से पहले बंद किया जा सकता है। अगर किसी जानलेवा बीमारी का इलाज या अभिभावक की मौत से है तो ऐसी स्थिति में पैसों की जरूरत पूरा करने के लिए मैच्योरिटी से पहले भी अकाउंट बंद की जा सकती है। इससे पहले, सुकन्य समृद्धि अकाउंट को ​मैच्योरिटी से पहले तभी बंद किया जा सकता था, जब अकाउंटहोल्डर की मौत हो गई हो या बच्ची का निवास स्थान बदल गया हो।

SSY खाते के नियम में बदलाव

नए नियमों के अनुसार, एसएसवाई खाते पर ब्याज वित्तीय वर्ष के अंत में जमा किया जाएगा। इसके अलावा, SSY खाते में गलत तरीके से जमा की गई ब्याज को वापस करने के नियम को इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए हटा दिया गया है। अब इस योजना पर ब्याज दर सभी डिफ़ॉल्ट खातों पर लागू होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कोरोना के बाद इंडिया से बाहर इंडिया का अद्भुत कारनामा, चीन और पाकिस्तान कर रहे स्यापा

नई दिल्ली। यूरोपियन यूनियन हो या फिर यूनाईटेड नेशंस हर तरफ भारत का बोलवाला है। अमेरिका, ब्रिटेन हो फिर रूस हर कोई भारत से...

नेपाल में उठा सियासी तूफान, चालबाज चीन ने राष्ट्रपति भवन को भी जाल में फंसाया

नई दिल्ली। चालबाज चीन ने नेपाल के राष्ट्रपति भवन को भी अपने जाल में फंसा लिया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग चाहते हैं...

सपना चौधरी ने इस गाने पर डांस से जीता फैंस का दिल, पागल हो गए लोग, देखें वीडियो

नई दिल्लीः हरियाणवी सिंगर (Haryanvi Dancer) और डांसर सपना चौधरी (Sapna Chaudhary) की पहचान किसी बॉलीवुड सिलेब्स से कम नहीं है। वो जब मंच...

लॉकडाउन में बुक कराए गये टिकटों का रिफंड नहीं दे रहीं एयरलाइंस, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

नई दिल्ली। कोरोना लॉकडाउन के दौरान बुक किए गये हवाई टिकटों की वापसी में एयर लाइन हीलाहवाली कर रही हैं। यात्रियों पर जबरन क्रेडिट...