Tuesday, June 2, 2020

रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, 10 साल तक ऐसे परेशान करता रहेगा कोरोना

अर्थशास्त्री नूरील रूबिनी ने कोरोना वायरस को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्‍होंने कहा है कि कोरोना के कारण दुनिया को लंबे समय तक गिरावट और अर्थिक सुस्ती झेलनी पड़ेगी, इसकी के साथ उन्‍होंने 10 साल अवसाद (डिप्रेशन) और ऋण को लेकर आगाह किया है।

नई दिल्‍ली: दुनिया में कोरोना का ऐसा कहर मचा हुआ है कि रोजाना हजारों की तादाद में लोगों की जान जा रही है। यही नहीं दुनिया के बड़े-बड़े देश लॉकडाउन के कारण बंद पड़े हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्‍थिति भी खराब हो रही है। ऐसे में अर्थशास्त्री नूरील रूबिनी ने कोरोना वायरस को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्‍होंने कहा है कि कोरोना के कारण दुनिया को लंबे समय तक गिरावट और अर्थिक सुस्ती झेलनी पड़ेगी, इसकी के साथ उन्‍होंने 10 साल अवसाद (डिप्रेशन) और ऋण को लेकर आगाह किया है।

रिपोर्ट में कहा कि अपनी ग्लूमी प्रीडिक्शन्स (उदास भविष्यवाणियों) के लिए डॉक्टर डूम के नाम से चर्चित प्रोफेसर रूबिनी ने कहा कि कुछ ऐसी नौकरियां हैं, जो इस संकट के बाद वापस नहीं आएंगी। उन्होंने ‘अभूतपूर्व मंदी’ को लेकर चेताते हुए कहा, “भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस के प्रभाव से इस वर्ष ही ठीक हो जाए, लेकिन फिर भी हालत ठीक नहीं रहेंगे।”

ऐसे उठेगी अर्थव्‍यवस्‍था
अन्य लोगों से पहले ही वर्ष 2008 के वित्तीय संकट को लेकर चेताने वाले रूबिनी ने कहा, “वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान उत्पादन में तेजी से गिरावट आने में लगभग तीन साल लग गए, लेकिन इस बार तीन साल या तीन माह नहीं सिर्फ तीन हफ्तों में हर कंपोनेंट का फ्रीफॉल हुआ।” उन्‍होंने कहा कि अर्थशास्त्रियों की भाषा में प्रत्येक रिक्वरी ‘यू’ या फिर ‘एल’ के आकार की होगी। उन्होंने इसे ‘ग्रेट डिप्रेशन’ करार दिया।

एक यू-आकार की रिक्वरी का मतलब है कि विकास में गिरावट होगी और फिर धीमे या लंबे समय तक नहीं बढ़ने के बाद ही यह उठा पाएगा। वहीं, एल-आकार की रिक्वरी और भी अधिक कठोर है। इसमें विकास तेजी से गिरेगा और लंबे समय तक हालात ऐसे ही बने रहेंगे, क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर लागू किए गए लॉकडाउन के चलते नौकरियां जाने का असर अमीर एवं गरीब दोनों प्रकार के देशों में देखने को मिलेगा।

रूबिनी ने कहा, “कम वेतन, कोई लाभ नहीं, पार्ट-टाइम के साथ केवल आंशिक रूप से ही गईं नौकरियां वापस आएंगी। औसत कामकाजी व्यक्ति के लिए नौकरी, आय व मजदूरी की और भी अधिक असुरक्षा होगी।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

महाराष्ट्र और गुजरात पर बढ़ा चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ का खतरा, NDRF की कई टीमें तैनात

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच देश पर एक नया खतरा मंडरा रहा है। बंगाल और ओडिशा में चक्रवाती तूफान अम्फान की तबाही के...

क्या भारत के नाम से हट जाएगा ‘इंडिया’? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें मांग की गई है कि संविधान संसोधन करके इंडिया शब्द हटा...

Aaj ka Rashifal 2 June 2020:  इन राशि वालों को आज रहना होगा सावधान वरना बिगड़ सकते हैं काम, जानें अपना राशिफल

Aaj ka Rashifal 2 June 2020: आज दिनांक 2 जून 2020 और दिन मंगलवार (Mangalwar ka Rashifal) है। आज का दिन सभी 12 राशियों...

‘CHAMPIONS’ से मजबूत होंगे छोटे उद्योग, रोजगार की लग जायेगी झड़ी!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में 20 लाख करोड़ के पैकेज और लोकल के लिए वोकल अभियान...