Tuesday, June 2, 2020

10 बैंकों के विलय से बनेंगे 4 बैंक, तैयारी में जुटा RBI

देश (India) के दस सरकारी बैंकों को विलय करने का कार्य अब अंतिम पड़ाव पर चल रहा है। एक अप्रैल को इन 10 बड़े बैंकों के विलय से चार बड़े बैंक बनेंगे जो देश के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा विलय मानाजा रहा है।

नई दिल्लीः देश (India) के दस सरकारी बैंकों को विलय करने का कार्य अब अंतिम पड़ाव पर चल रहा है। एक अप्रैल को इन 10 बड़े बैंकों के विलय से चार बड़े बैंक बनेंगे जो देश के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा विलय मानाजा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शनिवार को इस विलय को अधिसूचित कर दिया, जो इस महीने की शुरुआत में जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू होगा।

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स तथा यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शाखाएं पंजाब नैशनल बैंक (PNB) की शाखाओं के रूप में काम करेंगी। वहीं, सिंडिकेट बैंक केनरा बैंक के रूप में काम करेगा। आंध्र बैंक तथा कॉर्पोरेशन बैंक की शाखाएं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के रूप में काम करेंगी। जबकि, इलाहाबाद बैंक की शाखाएं इंडियन बैंक की शाखाओं के रूप में काम करेंगी।
बैंक एम्प्लॉयी यूनियंस तथा असोसिएशंस ने इस विलय को विलंबित करने के लिए जी तोड़ कोशिशें कीं, क्योंकि यह लॉकडाउन के समय हो रहा है। उन्होंने कहा है कि जन धन योजना अकाउंट-होल्डर्स को सरकारी फायदे का वितरण एक अतिरिक्त चुनौती है।

RBI ने जारी की विज्ञप्ति

रिजर्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इलाहाबाद बैंक की सभी शाखाएं एक अप्रैल 2020 से इंडियन बैंक की शाखाओं के रूप में काम करेंगी। वहीं इलाहाबाद बैंक के खाताधारक और जमाकर्ता सभी एक अप्रैल 2020 से इंडियन बैंक के ग्राहक के तौर पर माने जाएंगे। केन्द्रीय बैंक की शनिवार को ही जारी एक अन्य विज्ञप्ति में कहा गया है कि आंध्र बैंक और कार्पोरेशन बैंक की सभी शाखाएं एक अप्रैल 2020 से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा के तौर पर काम करेंगी। इसी प्रकार आंध्र बैंक और कार्पोरेशन बैंक के ग्राहक, खाताधारक और जमाकर्ता सभी यूनियन बैंक आफ इंडिया के ग्राहक के तौर पर माने जाएंगे।

2018 में आया था प्लान

बैंक के विलय की योजना सबसे पहले दिसंबर 2018 में पेश की गई थी, जब आरबीआई ने कहा था कि अगर सरकारी बैंकों के विलय से बने बैंक इच्छित परिणाम हासिल कर लेते हैं तो भारत के भी कुछ बैंक वैश्विक स्तर के बैंकों में शामिल हो सकता है।

केंद्र ने किया था फैसला

केन्द्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों को आपस में विलय कर चार बड़े बैंक बनाने का फैसला किया था। सरकार ने देश में विश्वस्तरीय बड़े बैंक बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों को मिलाकर बड़े बैंक बनाने का कदम उठाया है। इसी के तहत लिए गए निर्णय के बाद इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में और आंध्र बैंक तथा कार्पोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में किया गया।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

महाराष्ट्र और गुजरात पर बढ़ा चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ का खतरा, NDRF की कई टीमें तैनात

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच देश पर एक नया खतरा मंडरा रहा है। बंगाल और ओडिशा में चक्रवाती तूफान अम्फान की तबाही के...

क्या भारत के नाम से हट जाएगा ‘इंडिया’? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें मांग की गई है कि संविधान संसोधन करके इंडिया शब्द हटा...

Aaj ka Rashifal 2 June 2020:  इन राशि वालों को आज रहना होगा सावधान वरना बिगड़ सकते हैं काम, जानें अपना राशिफल

Aaj ka Rashifal 2 June 2020: आज दिनांक 2 जून 2020 और दिन मंगलवार (Mangalwar ka Rashifal) है। आज का दिन सभी 12 राशियों...

‘CHAMPIONS’ से मजबूत होंगे छोटे उद्योग, रोजगार की लग जायेगी झड़ी!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में 20 लाख करोड़ के पैकेज और लोकल के लिए वोकल अभियान...