Tata Punch Crash Test Video: ग्लोबल क्रैश टेस्ट में पंच को मिले 5-स्टार, देश की सबसे सेफ कारों में शुमार

Tata Punch Crash Test

नई दिल्ली: टाटा मोटर्स की अपमकिंग माइक्रो एसयूवी पंच (Punch) का भारतीय बाज़ार में बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। कंपनी इस कार को भारत में 18 अक्टूबर को लॉन्च करने जा रही है। हालांकि पहले इस कार को 20 अक्टूबर को लॉन्च करने की रणनीति थी।

बहरहाल, इस बीच टाटा पंच के क्रैश टेस्ट की रिपोर्ट सामने आई है। इस टेस्ट में टाटा पंच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच स्टार रेटिंग हासिल की है। GNCAP द्वारा आयोजित इस टेस्ट में अधिकतम 5-स्टार ही मिल सकते हैं।

बता दें कि पंच से पहले टाटा मोटर्स की ही सबकॉम्पैक्ट एसयूवी नेक्सन (Nexon) और प्रीमियम हैचबैक अल्ट्रोज़ (Altrozभी जीएनसीएपी टेस्ट में पांच स्टार हासिल कर चुकी हैं। हालांकि पंच ने इस टेस्ट के दौरान कुछ मोर्चों पर अल्ट्रोज़ और नेक्सन से बेहतर परफॉर्म किया है।

पंच के बॉडी शेल को स्टेबल माना गया है। कार को एडल्ट ऑक्यूपेंट सेफ्टी के लिए 17 में से 16.45 अंक मिले हैं। यह इसे ग्लोबल एनकैप द्वारा अपने सेफ कार्स फॉर इंडिया कार्यक्रम के तहत किए गए सभी क्रैश टेस्ट में हाइएस्ट रेटिंग वाली कार बनाता है।

टाटा पंच ने चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए भी 49 अंकों में से 40.89 अंक मिले हैं। इस प्रदर्शन के साथ टाटा पंच बच्चों की सुरक्षा के मामले में चार स्टार हासिल करने में सफल रही है। भारत में अब तक महिंद्रा XUV300 को ही बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से 4 स्टार रेटिंग मिली थी।

 

इस तरह होता है GNCAP टेस्ट

ग्लोबल एनसीएपी प्रोग्राम के तहत फ्रंट ऑफसेट क्रैश टेस्ट को ही अंजाम दिया जाता है। इस टेस्ट में कार को 64 किलोमीटर/घंटा की रफ़्तार और चालीस प्रतिशत ओवरलैप (ड्राइवर की तरफ गाड़ी का चालीस प्रतिशत हिस्सा) के साथ एक खास आकृति वाले बैरियर से टकराया जाता है। यह टकराव 50 किलोमीटर/घंटा रफ़्तार से विपरीत दिशा से आ रही दो बराबर वजन वाली कारों के बीच आमने-सामने हुई टक्कर के बराबर प्रभावी होता है।

जीएनसीएपी कारों को रेटिंग कैसे देता है?

जैसा कि हमने बताया कि जीएनसीएपी किसी भी कार को पांच स्टार में से रेटिंग देता है। किसी कार को जितनी ज्यादा रेटिंग मिलती है वह उतनी ही सुरक्षित मानी जाती है। क्रैश टेस्ट के दौरान किसी भी कार को वयस्क और बच्चों, दोनों के हिसाब से अलग-अलग रेटिंग दी जाती है।

किसी दुर्घटना के समय कार में मौजूद सवारियों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने के लिए क्रैश टेस्ट में कारों में पुतले यानी डमी बिठाए जाते हैं। जीएनसीएपी की तरफ़ से किसी भी कार को दी जाने वाली रेटिंग ड्राइवर (डमी) के सिर व गर्दन, सीना, घुटना, जांघ, पेडू और पैर पर लगने वाली चोटों को ध्यान में रखते हुए दी जाती है। कार को मिलने वाले स्कोर में सवारियों और बच्चों की सुरक्षा की भी अहम भूमिका रहती है। इसे जांचने के लिए क्रैश टेस्ट के दौरान गाड़ी में डेढ़ से लेकर तीन साल तक के बच्चों के आकार की डमी बिठाई जाती है।

इसके अलावा कार को सीट बेल्ट रिमाइंडर, थ्री पॉइंट सीट बेल्ट रिमाइंडर, आईएसओफिक्स, 4-चैनल एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) और साइट इंपैक्ट प्रोटेक्शन फीचर के लिए भी अतिरिक्त पॉइंट मिलते हैं। जीएनसीएपी की तरफ से न्यूनतम एक स्टार रेटिंग पाने के लिए किसी कार में कम से कम ड्राइवर साइड एयरबैग होना ज़रूरी है।


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