Ford के चेन्नई प्लांट में प्रोडक्शन शुरू, 30 हजार कारें होंगी निर्यात

Ford

नई दिल्ली: अमेरिकन ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड (Ford) के चेन्नई प्लांट में प्रोडक्शन शुरू हो गया है। ख़बरों के मुताबिक इस प्लांट से साल के अंत तक 30,000 यूनिट ईकोस्पोर्ट (EcoSport) का निर्यात करेगी। बता दें कि बीते दिनों फोर्ड ने भारत से अपना व्यापार समेटन की घोषणा की थी।

यदि Ford ने समेटा भारत से बिजनेस, तो आपकी कार का क्या होगा?

FADA ने की थी केंद्र से अपील: डीलर्स को घाटे से बचाने के लिए कानून बनाएं

फोर्ड मोटर (Ford Motor) के भारत में कार निर्माण बंद करने के फैसले के बाद ऑटो डीलर्स बॉडी फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने विदेशी कार निर्माताओं को भारत में अचानक अपना बिजनेस बंद करने से रोकने के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की है।दरअसल कंपनियों के इस तरह के एकतरफा फैसले देशभर में मौजूद उनके डीलर नेटवर्क को बड़े संकट में डाल देते हैं।

फोर्ड मोटर से जुड़े डीलरों को सुनिश्चित करने के लिए, FADA चाहता है कि केंद्र जल्द से जल्द फ्रेंचाइजी सुरक्षा अधिनियम पारित करे। कानून, जब पारित हो जाता है, तो डीलरों को एक कुशन प्रदान करेगा यदि कोई ओईएम भारत से दुकान और जहाज को बंद करने का निर्णय लेता है। इस कानून की मांग लंबे समय से चली आ रही है, खासकर जनरल मोटर्स और हार्ले डेविडसन सहित तीन यूएस-आधारित वाहन निर्माताओं द्वारा पिछले कुछ वर्षों में इसी तरह के निर्णय लेने के बाद।

FADA के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा, “FADA भारत सरकार से फ्रैंचाइज़ी प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने का अनुरोध कर रहा है क्योंकि इसकी अनुपलब्धता के कारण, भारतीय ऑटो डीलरों को मेक्सिको, ब्राजील, रूस, चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, इटली, ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन और कई अन्य देश, जहां यह कानून मौजूद है, के डीलर्स की तरह पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया जाता है।

बता दें कि फोर्ड से पहले भारतीय बाज़ार से जनरल मोटर्स, मैन ट्रक्स, हार्ले डेविडसन, यूएम लोहिया और मल्टीपल फ्लाई बाय नाइट इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेयर्स ने भी इसी तरह अचानक से भारत से बाहर निकलने का फैसला लेकर अपने डीलर नेटवर्क को सकते में डाल दिया था।

FADA ने कहा कि उद्योग पर संसदीय समिति ने भारी उद्योग मंत्रालय से सिफारिश की थी कि केंद्र को देश में डीलरों के लिए अधिकार संरक्षण अधिनियम लागू करना चाहिए ताकि यह ओईएम के साथ-साथ डीलरों के नेटवर्क के लिए भी फायदेमंद हो।

इससे पहले FADA ने गुरुवार को Ford Motor के फैसले पर हैरानी जताई थी। FADA के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा, “डीलर्स सैंकड़ों की तादाद में कंपनियों से डेमो वाहन भी खरीदते हैं, जो अब बेकार हो जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी ने पांच महीने पहले तक भी कई डीलरों को नियुक्त किया था। ऐसे डीलरों को अपने पूरे जीवन में सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। !”

एफएडीए ने ये भी कहा कि “जबकि फोर्ड इंडिया 4,000 लोगों को रोजगार देता है, डीलरशिप लगभग 40,000 लोगों को उनके घर के स्थानों से विस्थापित किए बिना रोजगार देती है। फोर्ड इंडिया डीलर्स के पास वर्तमान में लगभग 1,000 वाहन हैं, जिनकी कीमत लगभग  ₹150 करोड़ है।”

गुलाटी ने यह भी कहा कि फोर्ड इंडिया के अध्यक्ष और एमडी अनुराग मेहरोत्रा ​​ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से कार निर्माता के फैसले के बाद फोन किया था ताकि यह आश्वासन दिया जा सके कि उसके डीलरों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा। देश भर में 391 आउटलेट के साथ फोर्ड मोटर से जुड़े लगभग 170 डीलर हैं जिन्हें 2,000 करोड़ के निवेश पर स्थापित किया गया है।

 

 


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