Play Station की इस नाखुन बराबर चीज ने बंद करा दिए कार कंपनियां के प्लांट, जानिए कैसे?

Car Production

कोविड-19 महामारी की वजह से आई मंदी से वाहन निर्माता कंपनियों जैसे-तैसे उभरने की कोशिश में जुटी ही थीं कि उनके सामने एक नया संकट आ खड़ा हुआ है। ये जानना शायद आपको दिलचस्प लग सकता है कि कई ऑटो मेकर कंपनियों के लिए बच्चों का खिलौना PlayStations एक बड़ी चुनौती बन चुका है। दरअसल कोरोना महामारी के दौरान लगाए गए लॉकडाउन की वजह से दुनियाभर में बच्चों के इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों जैसे- प्लेस्टेशन (Play Station) की मांग में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला।

इसके अलावा दुनियाभर के तमाम व्यवसायों ने अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया, साथ ही वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स बढ़ने की वजह से लैपटॉप/टैबलेट्स, वेबकैम और स्मार्टफोन्स की बिक्री भी बढ़ गई। गौरतलब है कि इन सभी इलैक्ट्रॉनिक्स आइटमों को बनाने में सेमीकंडक्टर (Semicondutors) का इस्तेमाल होता है। सेमीकंडक्टर एक तरह की छोटी चिप होती हैं। इलैक्ट्रॉनिक आइटम्स की मांग बढ़ते ही Semiconductors की खपत भी बढ़ गई। यहीं से कार मेकर कंपनियों के लिए मुश्किल का दौर शुरू हो गया।

दरअसल इलैक्ट्रॉनिक आइटमों के साथ कारों में भी- टायर प्रेशर गेज, रेन सेंसिंग वाइपर्स और पार्किंग सेंसर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर्स का भरपूर इस्तेमाल होता है। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से कार निर्माता कंपनियों ने दूसरे कच्चे माल की ही तरह सेमीकंडक्टर्स की खरीद को रोक दिया, जबकि दूसरी तरफ स्मार्ट उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने सेमीकंडक्टर्स की मांग और स्टोरेज बढ़ा दिया। इससे बाजार में सेमीकंडक्टर्स की सप्लाइ में कमी आने की वजह से दुनियाभर के कार निर्माताओं को अपना प्रोडक्शन बंद करना पड़ा है।

यदि टोयोटा मोटर्स की बात करें तो उसने चीन में स्थित अपनी प्रोडक्शन लाइन को बंद कर दिया है। वहीं फिएट क्रिस्लर ऑटोमोबाइल की बात करें तो इसने ओंटारियो और मेक्सिको में अपने प्रोडक्शन को हाल-फिलहाल के लिए रोक दिया है। वहीं, फॉक्सवैगन ने चीन, यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स में मौजूद अपने प्लांट्स में प्रोडक्शन से जुड़ी आशंकाएं जताई हैं। फोर्ड मोटर ने पिछले सप्ताह लुइसविले स्थित अपनी फैक्ट्री को सेमीकंडक्टर्स की कमी के चलते बंद कर दिया।

भारत के लिहाज से बात करें तो फोर्ड इंडिया को अपना चेन्नई प्लांट एक हफ्ते के लिए बंद करना पड़ा। कंपनी इस प्लांट का उपयोग कारों को निर्यात करने के लिए भी करती है। पोंगल छुट्टियों के कारण तीन दिन तक बंद रहे प्लांट की छुट्टियों को अब 7 दिन तक बढ़ा दिया गया है। यहां 23 जनवरी से दोबारा कामकाज शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।

सेमीकंडक्टर्स की कमी का प्रभाव अब तक केवल चेन्नई में ही देखा गया था, लेकिन गुजरात के साणंद का प्रोडक्शन प्लान भी फरवरी और मार्च में प्रभावित हो सकता है। फोर्ड इंडिया ने विक्रेताओं को बताया कि वैश्विक स्तर पर पार्ट्स की सप्लाई की कमी के कारण कामकाज अब शनिवार को फिर से शुरू होगा।

माना जा रहा है कि सेमीकंडक्टर्स की आपूर्ती को बहाल करने में करीब छह से नौ महीने लग सकते हैं। हालांकि जानकार इस संभावना को नकारते हैं कि सेमीकंडक्टर्स की सप्लाइ में कमी की वजह से वाहनों की कीमतों में कोई खास इजाफा देखने को मिल सकता है। लेकिन विश्लेषक इस बात से इन्कार नहीं करते कि सेमीकंडक्टर्स की सप्लाइ में आई कमी की वजह से कारों का वेटिंग पीरियड जरूर बढ़ सकता है।


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