अब आंख बंद कर के भी चला सकेंगे बाइक, KTM कर रही है सुपर टेक्नोलॉजी पर काम

KTM blind spot and cruise control

नई दिल्ली: ऑस्ट्रिया की बाइक निर्माता कंपनी केटीएम (KTM) ने एक ऐसे पेटेंट के लिए अप्लाइ किया है जिसकी खबरों ने सुपर बाइक लवर्स को रोमाचिंत कर दिया है। दरअसल ये पेटेंट रेडार बेस्ड क्रूज कंट्रोल सिस्टम से जुड़ा है।

खबरों के मुताबिक केटीएम (KTM) अपनी 390 सीरीज की ड्यूक (Duke) बाइक को इस तकनीक से लैस कर सकती है। लेकिन खबर में आगे बढ़ने से आगे बढ़ने से पहले ये जान लेते हैं कि आखिर ये रेडार बेस्ड क्रूज कंट्रोल है क्या चीज!

कुछ साल पहले तक क्रूज कंट्रोल सिस्टम सिर्फ कारों में ही देखने को मिलता है। इस फीचर के तहत कोई ड्राइवर अपनी कार की स्पीड को स्टीअरिंग पर लगे कुछ कमांड (Command) बटन्स की मदद से बढ़ा या घटा सकता है।

लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए बाइक निर्माता भला कैसे पीछे रह सकते थे। ऐसे में कुछ ऑटो (Auto) कंपनियों ने अपनी बाइकों में ये फीचर उपलब्ध करवाने की दिशा में काम शुरु कर दिया। लेकिन शुरुआत में बाइकों में जो क्रूज कंट्रोल सिस्टम (Cruise control system) दिए गए उनमें सहूलियत तो थी लेकिन मजे और सुरक्षा के मामले में ये उतने कारगर नहीं माने गए।

उसी क्रूज कंट्रोल सिस्टम तकनीक को और उन्नत बनाते हुए बाइक निर्माताओं ने एक नई तकनीक ईजाद की है जिसे रेडार बेस्ड क्रूज कंट्रोल या अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल नाम दिया गया है। इस तकनीक के तहत किसी बाइक के अलग-अलग हिस्सों में रेडार सेंसर लगा दिए जाते हैं जो बाइक के आसपास किसी भी ऑब्जेक्ट की उपस्थिति को भांप लेते हैं। ये सेंसर एक पूरी रेडार यूनिट (Radar unit) से जुड़े होते हैं जो एक ट्रांसमीटर (Transmitter) और रिसीवर (Reciever) से लैस होती है।

इस यूनिट का ट्रांसमीटर लगातार रेडियो वेब्स (Radio waves) या तरंगे जनरेट करता रहता है जो चलती हुई बाइक के चारो तरफ लगातार फैलती रहती हैं। और किसी अन्य ऑब्जेक्ट या वाहन से टकराते ही वे तुरंत बाइक पर लगे रिसीवर तक लौट आती हैं। इन लौटी हुई वेब्स की मदद से यूनिट में लगा आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस सिस्टम इस बात का अंदाज लगाता है कि बाइक के आस-पास चल रहा दूसरा वाहन कितना बड़ा है और उससे कितनी दूरी पर है और उसी हिसाब से बाइक की स्पीड को नियंत्रित करता है।

जैसे यदि आप इस सिस्टम से लैस बाइक पर किसी कार के पीछे चल रहे हैं तो उस कार की स्पीड तेज होने की स्थिति में आपकी बाइक की भी स्पीड अपने आप बढ़ जाएगी। लेकिन यदि उस कार ने ब्रेक लगा दिए तो रेडार यूनिट तुरंत ही आपकी बाइक की ब्रेकिंग को ऑटोमैटिक एक्टिव कर देगा और आपकी बाइक उस कार से उचित दूरी पर रुक जाएगी। ये पूरा खेल कुछ माइक्रो सेकंड्स का होता है। केटीएम ने सबसे पहले इस तकनीक से अपनी 1290 बाइक को लैस किया था। लेकिन ये पूरी कवायद सिर्फ टेस्टिंग के स्तर तक ही सीमीत थी।

केटीएम से पहले ये तकनीक डुकाटी और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियां अपनी बाइकों में इस्तेमाल कर चुकी हैं। लेकिन वे बाइकें तुलनात्मक तौर पर बहुत महंगी हैं। संभवत: ये पहली बार होगा जब किसी 390 सीसी की बाइक को इस तकनीक से लैस किया जाएगा। बाजार में केटीएम की छवि पहले से ही वैल्यू फोर मनी वाले प्रोडक्ट्स बनाने के तौर पर स्थापित है। ऐसे में इस नई तकनीक से लैस बाइकें निश्चित तौर पर बाजार में केटीएम की पैठ को बढ़ाने का काम करेगी।


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