Tuesday, June 2, 2020

Hanuman Jayanti 2020: आज भी जीवित हैं हनुमान, माता सीता ने दिया था अमरता का वरदान

Hanuman Jayanti 2020: आज हनुमान जयंती है। मान्यता है कि हनुमानजी आज भी जिंदा हैं और अलग रूप में हमारे बीच मौजूद है। धर्मशास्त्रों के मुताबिक हनुमानजी को माता सीता ने अमरता का वरदान दिया था।

Hanuman Jayanti 2020: भगवान श्री राम के परम भक्‍त हनुमान (Hanuman) का आज जन्मोत्सव (Hanuman Jayanti) है। हनुमान जयंती हर वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को होती है। चैत्र पूर्णिमा के दिन राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। देशभर में आज हनुमान जयंती मनाई जा रही है।

पवनपुत्र के नाम से प्रसिद्ध हनुमान जी की माता अंजनी और पिता वानरराज केसरी थे। हनुमान जी को बजरंगबली, केसरीनंदन और आंजनाय के नाम से भी पुकारा जाता है। वास्तव में हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हैं, जिन्होंने त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम की भक्ति और सेवा के लिए जन्म लिया। संकटों का नाश करने वाले हनुमान जी को संकटमोचन भी कहते हैं। हनुमान जयंती पर जानते हैं उनके जन्म से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।

माता सीता ने दिया था अमरता का वरदान

रामायण में रावण माता सीता का हरण करके लंका ले गया था। श्रीराम और पूरी वानर सेना सीता की खोज में लगी हुई थी। तब हनुमानजी समुद्र पार करके लंका पहुंच गए और माता सीता को खोज लिया। लंका की अशोक वाटिका में हनुमानजी और सीता की भेंट हुई थी। उस समय हनुमानजी ने श्रीराम का संदेश देकर माता सीता की सभी चिंताएं दूर की थी। इससे प्रसन्न होकर सीता ने हनुमानजी को अजर-अमर होने का वरदान दिया था। इस वरदान के प्रभाव से हनुमानजी हमेशा जीवित रहेंगे।  इन्हें कभी वृद्धावस्था नहीं आएगी।

श्री राम की लंबी उम्र के लिए एक बार हनुमानजी ने अपने पूरे शरीर पर सिन्दूर लगा लिया। इसी कारण उन्हें सिन्दूर चढ़ाया जाता है। हनुमानजी की प्रतिमा पर लगा सिन्दूर अत्यन्त ही पवित्र होता है। भक्तगण प्रायः इस सिन्दूर का तिलक अपने मस्तक पर लगाते हैं।

ऐसा माना जाता है, कि इस तिलक के मध्यम से भक्त भी हनुमानजी की कृपा से उनकी ही तरह शक्तिशाली,  ऊर्जावान तथा संयमित होजाते हैं। संध्या के समय दक्षिणमुखी हनुमान मूर्ति के सामने शुद्ध होकर हनुमानजी के चमत्कारिक मंत्रों का जाप किया जाए तो यह अति शुभ फलदायी होता है।

हनुमानजी की पूजा में हनुमत कवच मंत्र का जाप अवश्य करें। कवच मंत्र का जाप तुरंत फलदायी होता है। इससे उनका आशीर्वाद मिलता है।

इस कवच का मूल मंत्र है-ॐ श्री हनुमंते नम:, जिसके हं हनुमंते नम:’ का पाठ भी अवश्य करें।

हनुमान जी का जन्म स्थान

ऐतिहासिक एवं भौगोलिक आधार के अनुसार हनुमान जी का जन्म वर्तमान कर्नाटक प्रदेश में माना गया है। यों तो हनुमान जी की आराधना संपूर्ण भारत में की जाती है परंतु कर्नाटक में जहां भगवान राम की भेंट हनुमान जी से रामायण काल में हुई थी, वहां के निवासी इन्हें अपना आराध्य मानते हैं। कर्नाटक में लगभग हर वाहन पर हनुमान जी का सिंधूरी रंग का चित्र अंकित मिल जाएगा। भारत में हनुमान जयंती भी दो बार मनाई जाता है परंतु 8 अप्रैल को समस्त भारत में मनाई जा रही है।

भगवान हनुमान को संकट हरने वाला माना गया है। भगवान हनुमान का दिन मंगलवार माना गया है। इसी दिन इनकी आराधना की जाती है। लेकिन अगर हनुमान जयंती पर ही हम कुछ ऐसे काम करें] जिससे हमारे संकट का जल्द ही निवारण हो।

नामकरण

इन्द्र के वज्र से हनुमानजी की ठुड्डी (संस्कृत में हनु) टूट गई थी। इसलिये उनको हनुमान का नाम दिया गया। इसके अलावा ये अनेक नामों से प्रसिद्ध है जैसे बजरंग बली, मारुति, अंजनि सुत, पवनपुत्र, संकटमोचन, केसरीनन्दन, महावीर, कपीश, शंकर सुवन आदि।

हनुमान जयंती भगवान हनुमानजी के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भक्तगण बजरंगबली के नाम का व्रत रखते हैं। प्रत्येक वर्ष हनुमान जयंती चैत्र मास (हिन्दू माह) की पूर्णिमा को मनाई जाती है, हालाँकि कई स्थानों में यह पर्व कार्तिक मास (हिन्दू माह) के कृष्णपक्ष के चौदवें दिन भी मनाई जाती है।

इस दिन हनुमानजी के भक्त अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी रखते है तथा विधि विधान के साथ उनकी पूजा अर्चना भी करते हैं।

इस दिन भक्त हनुमान जी के साथ साथ श्रीराम व सीता मैया की पूजा भी करते है तथा इस व्रत की ख़ास बात यह है कि इस रात को जमीन पर ही सोने की परम्परा हैं। व्रत की पूर्व रात्रि को ज़मीन पर सोने से पहले भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ हनुमान जी का स्मरण करें।

 मान्‍यता है कि श्री हनुमान ने शिव के 11वें अवतार के रूप में माता अंजना की कोख से जन्‍म लिया था। पवनपुत्र के नाम से प्रसिद्ध हनुमान जी की माता अंजनी और पिता वानरराज केसरी थे। हनुमान जी को बजरंगबली, केसरीनंदन और आंजनाय के नाम से भी पुकारा जाता है।

मान्‍यता है कि श्री हनुमान परम बलशाली और मंगलकारी हैं। श्री हनुमान का नाम लेते ही सारे संकट दूर हो जाते हैं और भक्‍त को किसी बात का भय नहीं सताता है। उनके नाम मात्र से आसुरी शक्तियां गायब हो जाती हैं। भगवान हनुमान को संकट हरने वाला माना गया है। हनुमान जयंती पर ही हम कुछ ऐसे काम करने से हमारे संकट का जल्द ही निवारण हो जाता है।

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