Wednesday, July 8, 2020

Eid 2020: लॉकडाउन के बीच देश में आज मनाई जा रही है ईद, कोरोना से रक्षा की मांग रहे दुआएं

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच देश में आज ईद यानी ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में रविवार (24 मई) को ईद-उल-फितर का चांद नजर आया। चांद दिखने के बाद लोगों ने भी एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।

नई दिल्ली: कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच देश में आज ईद यानी ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में रविवार (24 मई) को ईद-उल-फितर का चांद नजर आया। चांद दिखने के बाद लोगों ने भी एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।

कोरोना वायरस के प्रसार पर नियंत्रण के लिए देश में लॉकडाउन लागू हैं और मस्जिदों समेत तमाम धार्मिक स्थल बंद हैं। इसीलिए लोगों सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पलन करते हुए घर पर ही ईद की नमाज अदा कर रहे हैं और एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं।

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लोगों से घर पर ही ईद की नमाज अदा करने का आग्रह किया है। दिल्ली के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं ने रविवार को लोगों से अपील की कि वे ईद मनाते समय सामाजिक मेलजोल से दूरी के नियम पर अमल के साथ-साथ लॉकडाउन नियमों का पालन करें।

फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा कि चांद दिख गया है और सोमवार (25 मई) को ईद मनाई जाएगी। उन्होंने कहा, ”हमने लोगों से एक-दूसरे को गले लगाने और हाथ मिलाने से बचने के लिए कहा है।”

जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने लोगों से सादगी से ईद मनाने और गरीब लोगों तथा अपने पड़ोसियों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा, ”कोरोना वायरस के कारण ईद की नमाज पारंपरिक तौर पर अदा नहीं की जा सकेगी, लेकिन लोगों समझना चाहिए कि केवल सावधानी बरतने से ही वायरस को हराया जा सकता है।”

गौरतलब है कि ईद की नमाज़ जमात के साथ यानी ग्रुप में पढ़ी जाती है। लेकिन इस बार कोरोना संकट को देखते हुए सभी धार्मिक स्थल बंद हैं, इसलिए मस्जिद में नमाज अदा करने की इजाजत नहीं है। एक तरफ जहां प्रशासन मुस्तैद है तो वहीं, मौलाना और उलेमाओं की तरफ से घर में ही ईद की नमाज़ पढ़ने की अपील की जा रही है।

साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि कोई भी व्यक्ति ईद के दौरान घर से न तो बाहर निकले और न ही इबादत के लिए मस्जिद जाए। घर में ही हंसी-खुशी ईद का त्योहार मनाएं. ईद के दिन मुसलमानों के घर सिवईयां, शीर समेत कई तरह के मीठे पकवान बनते हैं। एक-दूसरे से गले मिलकर सारे गिले-शिकवा दूर किए जाते हैं।

आपको दें कि ईद-उल-फित्र (Eid ul Fitr) मुस्लिमों का सबसे बड़ा त्योहार है, जो रमजान के महीने के पूरा होने पर मनाया जाता है। इस बार ईद का त्योहार 25 मई को मनाया जाएगा। दरअसल, ईद-उल-फित्र का त्योहार रमजान के 29 या 30 रोजे रखने के बाद चांद देखकर मनाया जाता है। ईद-उल-फित्र के साथ ही रमज़ान का महीना खत्म हो जाता है।

ईद-उल-फित्र के साथ इस्लामिक कलैंडर शव्वाल के महीने की शुरुआत होती है। ईद का दिन एकमात्र ऐसा दिन होता है जिस दिन रोज़ा यानी उपवास नहीं रखा जाता। ईद के चांद का दीदार होने के बाद यानी शव्वाल का महीना शुरू होने के साथ ईद मनाई जाती है, इसलिए दुनियाभर में इसकी तारीख अलग-अलग होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

जिहाद के नाम पर PoK में महिलाओं को बनाया जा रहा है सेक्‍स-स्‍लेव

नई दिल्‍ली: पाकिस्तान ने सात दशक लंबे कब्‍जे के बाद PoK को कश्मीर के मुद्दे से रणनीतिक लाभ उठाने की नीति के बाद इस्लामी...

RBSE 12th Science result 2020 Live updates: rajresults.nic.in पर जारी हुआ रिजल्ट, ऐसे करें चेक

RBSE 12th Science result 2020: राजस्थान बोर्ड के 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक खुशखबर सामने आई है। दरअसल राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने...

बाजार में सैमसंग जल्द लाएगा ये 5 स्मार्टफोन, जरूर जानें इनकी डिटेल

नई दिल्लीः टेक कंपनी सेल बढ़ाने और आर्थिक स्थिति के पहिये को पटरी पर लाने के लिए काम करने में जुटी हैं। दुनिया की...

तमिलनाडु में पिता पुत्र की कस्टोडिएल डेथ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, हिरासत में पूछताछ को लेकर दिशानिर्देश बनाये जाने की मांग

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली: तमिलनाडु में पिता-पुत्र जयराज और बेनिक्स की हिरासत में हुई खौफनाक मौत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका...