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जस्टिस लोया केस की नहीं होगी दोबारा जांच ! महाराष्ट्र के गृह मंत्री बोले- कोई सबूत नहीं मिला

1 months ago

"जस्टिस बृजमोहन हरकिशन लोया की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने जस्टिस बीएच लोया केस की दोबारा जांच से इनकार कर दिया है। राज्य सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि मुझसे लोगों ने लोया केस की दोबारा जांच कराने की कई बार मांग की, लेकिन किसी ने कोई सबूत नहीं दिया।"

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जनवरी): 

जस्टिस बृजमोहन हरकिशन लोया (Justice Loya) की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार (Government) ने जस्टिस बीएच लोया केस की दोबारा जांच (Inquiry) से इनकार कर दिया है। राज्य सरकार के गृह मंत्री (Home Minitser) अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने कहा कि मुझसे लोगों ने लोया केस की दोबारा जांच कराने की कई बार मांग की, लेकिन किसी ने कोई सबूत नहीं दिया। दरअसल, जस्टिस लोया केस में कुछ लोगों ने गृह मंत्री अनिल देशमुख से संपर्क किया था और कुछ दस्तावेज देने का वादा किया था। अभी तक किसी ने कोई सबूत नहीं दिया है। हालांकि उन्‍होंने इन लोगों की पहचान उजागर करने से साफ इनकार कर दिया। 

आपको बता दें कि जस्टिस लोया, सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की सुनवाई करने वाले जज थे। महाराष्ट्र में पिछली बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार ने 2018 की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसने इस मामले की विवेचनात्मक जांच की थी। इसकी जांच रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस लोया की स्वाभाविक मौत हुई थी। 

जस्टिस लोया की दिसंबर 2014 में नागपुर में  मौत हो गई थी। उस वक्‍त वह अपने एक सहकर्मी की शादी में गए हुए थे। इसी दौरान वह बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे। उनकी मौत पर सबसे पहले एक मैग्‍जीन ने सवाल उठाते हुए इसको संदिग्‍ध बताया था, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी हुई। सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने भी इस मामले को उठाया था। हालांकि जस्टिस लोया के बेटे अनुज ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर मामले का पटाक्षेप करने की कोशिश की थी। उनका कहना था कि उनके पिता की मौत पूरी तरह से प्राकृतिक थी। 

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(Image Courtesy: Google)


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